कानपुर: सेवायोजन कार्यालय में डीएम का औचक निरीक्षण, पांच कर्मचारी मिले अनुपस्थित
कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार दोपहर प्रादेशिक सेवायोजन कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान कार्यालय के पांच वरिष्ठ सहायक अपने कार्यस्थल से गायब मिले। डीएम ने इस लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से सरकारी कार्यालयों में हड़कंप मच गया है।
VIMARSHNAARAD TVकानपुर में प्रशासनिक सख्ती का एक मामला सामने आया है, जहां जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली को सुधारने के लिए औचक निरीक्षण का सहारा लिया। बुधवार दोपहर करीब दो बजे, डीएम ने प्रादेशिक सेवायोजन कार्यालय का औचक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय की व्यवस्थाओं और कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, निरीक्षण के दौरान कार्यालय के पांच वरिष्ठ सहायक अपने स्थान पर मौजूद नहीं थे। बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के कर्मचारियों का इस तरह गायब मिलना प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन माना गया है। डीएम ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
जिले के शीर्ष अधिकारी द्वारा किए गए इस औचक निरीक्षण से कार्यालय में हड़कंप मच गया। डीएम ने स्पष्ट किया कि सरकारी कामकाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कार्यालय के अन्य कर्मचारियों को भी समयबद्ध तरीके से काम करने और अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
यह कार्रवाई सरकारी कार्यालयों में अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। जिलाधिकारी का मानना है कि आम जनता को सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए, जिसके लिए कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य है।
इस घटना के बाद से अन्य सरकारी विभागों में भी सतर्कता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से यह संदेश दिया गया है कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि सरकारी कामकाज की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके।
संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगें और नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें। इस मामले में आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।