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कासगंज में नकली नोटों का बड़ा नेटवर्क उजागर, बदायूं से संचालित हो रहा था अवैध कारोबार

कासगंज पुलिस ने नकली नोट छापने और खपाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सरगना बदायूं से बैठकर अपना जाल फैला रहा था। आरोपी 25 हजार रुपये के बदले एक लाख रुपये के नकली नोट उपलब्ध कराते थे। इन नोटों का इस्तेमाल कांवड़ यात्रा के दौरान बाजारों में किया गया था। पुलिस अब सरगना की तलाश में जुटी है।

कासगंज में नकली मुद्रा के अवैध कारोबार का एक बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस ने इस रैकेट से जुड़े लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ की, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं। जांच के दौरान पता चला कि इस गिरोह का संचालन किसी स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि पड़ोसी जिले बदायूं से किया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का मुख्य सरगना बदायूं में बैठकर पूरे नेटवर्क को नियंत्रित कर रहा था। आरोपी बेहद शातिर तरीके से अपना काम कर रहे थे, जहां वे 25 हजार रुपये की असली नकदी के बदले एक लाख रुपये के नकली नोट मुहैया कराते थे। इस तरह से बाजार में बड़ी मात्रा में जाली करेंसी उतारी जा रही थी।

पूछताछ में यह भी पता चला है कि इस नकली मुद्रा का इस्तेमाल हाल ही में संपन्न हुई कांवड़ यात्रा के दौरान किया गया था। भीड़भाड़ और व्यस्तता का फायदा उठाकर आरोपियों ने इन नोटों को स्थानीय बाजारों में खपा दिया, जिससे आम लोगों और व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा।

संवाद न्यूज एजेंसी के अनुसार, पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। पकड़े गए आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर बदायूं में छिपे सरगना तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के तार और भी कई जगहों से जुड़े हो सकते हैं।

नकली नोटों के इस बड़े नेटवर्क के खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे नोटों के लेन-देन के दौरान सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।

फिलहाल, कासगंज पुलिस की टीमें बदायूं में छापेमारी की तैयारी कर रही हैं ताकि मुख्य आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

यह घटना इस बात का संकेत है कि किस तरह से संगठित अपराधी तकनीक और भीड़ का लाभ उठाकर आर्थिक अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस प्रशासन इस पूरे रैकेट को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंजमूल रिपोर्ट देखें ↗