कासगंज में बाढ़ का कहर: अस्पताल न पहुंच पाने के कारण पिता की गोद में सात वर्षीय बच्चे ने तोड़ा दम
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में बाढ़ के कारण एक सात वर्षीय बच्चे की जान चली गई। नगला जयकिशन गांव का रहने वाला सागर तीन दिनों से तेज बुखार से जूझ रहा था। जलभराव के चलते रास्ता पूरी तरह बंद होने के कारण परिजन उसे समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं करा सके, जिससे पिता की बाहों में ही बच्चे की मृत्यु हो गई।
VIMARSHNAARAD TVउत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां बाढ़ के पानी ने एक मासूम की जान ले ली। संवाद न्यूज एजेंसी के अनुसार, पटियाली क्षेत्र के नगला जयकिशन गांव में जलभराव के कारण हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। इस आपदा के बीच एक सात वर्षीय बच्चे की जान बचाना परिवार के लिए नामुमकिन साबित हुआ।
मृतक बच्चे की पहचान सात वर्षीय सागर के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि वह पिछले तीन दिनों से तेज बुखार की चपेट में था। जैसे-जैसे समय बीतता गया, उसकी स्थिति और अधिक बिगड़ती चली गई। परिवार उसे तुरंत अस्पताल ले जाने के लिए व्याकुल था, लेकिन कुदरत के कहर ने उनके रास्ते रोक दिए थे।
गांव के चारों ओर फैले पानी के कारण आवागमन के सभी मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो चुके थे। अस्पताल तक पहुंचने का कोई भी सुरक्षित रास्ता उपलब्ध न होने के कारण परिजन असहाय महसूस कर रहे थे। चिकित्सा सहायता समय पर न मिल पाने का खामियाजा अंततः उस मासूम को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।
अत्यंत दुखद स्थिति तब बनी जब इलाज के लिए ले जाते समय सागर ने अपने पिता की गोद में ही दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर पैदा कर दी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बाढ़ के कारण उत्पन्न हुई यह स्थिति न केवल जनजीवन को प्रभावित कर रही है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को भी बाधित कर रही है।
प्रशासनिक स्तर पर अभी तक इस मामले में विस्तृत राहत कार्यों की जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन नगला जयकिशन गांव में बाढ़ का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। जलभराव के कारण ग्रामीणों को दैनिक आवश्यकताओं के लिए भी भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
यह घटना बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य आपातकाल के दौरान आने वाली चुनौतियों को रेखांकित करती है। समय पर अस्पताल न पहुंच पाना किसी के जीवन के लिए कितना घातक हो सकता है, सागर की मृत्यु इसका एक दुखद उदाहरण है।
फिलहाल, पीड़ित परिवार इस अपूरणीय क्षति से गहरे सदमे में है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल चिकित्सा और राहत सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।