केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा ने मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और पीपीपी मॉडल की सराहना की
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे और चिकित्सा शिक्षा में हुई प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने राज्य द्वारा अपनाए गए पीपीपी मॉडल और एमबीबीएस सीटों में वृद्धि की प्रशंसा की। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार पर भी चर्चा की गई और भविष्य के लिए केंद्र-राज्य सहयोग पर जोर दिया गया।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे. पी. नड्डा ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। इस बैठक में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे, चिकित्सा शिक्षा और जन स्वास्थ्य पहलों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में पीपीपी मॉडल का उपयोग एक अभिनव कदम है।
चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में मध्य प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2026 में एमबीबीएस सीटों की संख्या 5,600 से बढ़कर 6,120 हो गई है। इसके अलावा, सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में सुपर-स्पेशियलिटी सीटों में भी वृद्धि दर्ज की गई है। धार, पन्ना, कटनी और बैतूल में पीपीपी मॉडल के तहत नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं, जिन्हें 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के आंकड़ों में भी सुधार देखा गया है। मातृ मृत्यु अनुपात (एमएमआर) में 7 अंकों की कमी आई है, जबकि प्रसवपूर्व जांच कराने वाली महिलाओं के अनुपात में भी वृद्धि हुई है। शिशु मृत्यु दर और नवजात मृत्यु दर में भी गिरावट दर्ज की गई है।
राज्य में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए 52 जिलों में हेमोडायलिसिस इकाइयां और कैंसर डे-केयर केंद्र शुरू किए गए हैं। इंदौर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीएआर-टी सेल थेरेपी जैसी उन्नत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
बैठक में छतरपुर, दमोह और बुधनी में मेडिकल कॉलेज भवनों के निर्माण कार्य पूरा होने की जानकारी दी गई। उज्जैन में निर्माण कार्य जारी है, जबकि राजगढ़ और मंडला में नए कॉलेज प्रस्तावित हैं।
अंत में, केंद्र और राज्य सरकार ने एक मजबूत और जन-केंद्रित स्वास्थ्य प्रणाली बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
