केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने स्कूली बच्चों के साथ मनाया सेवा दिवस, किया संवाद
पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने नई दिल्ली में सेवा संकल्प अभियान के तहत स्कूली बच्चों के साथ सेवा दिवस मनाया। इस दौरान उन्होंने 'आशीर्वाद का दीया' जलाकर बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया। कार्यक्रम में बच्चों ने पेंटिंग और गीतों के माध्यम से प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश दिया।

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने नई दिल्ली में सेवा दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम में भाग लिया। यह आयोजन 'सेवा संकल्प अभियान – आशीर्वाद का दीया' के तहत संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के निस्वार्थ सेवा कार्यों को याद करना था।
इस अवसर पर मंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में मेहरौली के विधायक गजेंद्र यादव और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें सचिव तन्मय कुमार और विशेष सचिव सुशील कुमार अवस्थी शामिल थे, उपस्थित रहे। इस पहल का मुख्य लक्ष्य युवा पीढ़ी में सेवा भाव को जागृत करना और उन्हें पर्यावरण व वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना था।
कार्यक्रम में इको-क्लब के सदस्यों, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय के लोगों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। स्कूली बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व को दर्शाते हुए विशेष गीत प्रस्तुत किए। बच्चों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए उनके द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स की एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसका अवलोकन मंत्री ने स्वयं किया।
आयोजन का एक मुख्य आकर्षण 'आशीर्वाद का दीया' था, जिसे एक विशाल रंगोली के बीच रखा गया था। यह दीया ज्ञान, आशा और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का प्रतीक माना गया, जिसे युवा पीढ़ी को आगे बढ़ाना है। मंत्री ने बच्चों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और उसे निभाने के लिए प्रेरित किया।
यह कार्यक्रम न केवल सेवा के महत्व को रेखांकित करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के प्रति तैयार करने का एक प्रयास भी है। मंत्रालय का मानना है कि बच्चों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज के हर वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सकता है।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने प्रकृति की रक्षा करने का संकल्प लिया। इस तरह के आयोजनों से बच्चों में न केवल पर्यावरण के प्रति प्रेम बढ़ता है, बल्कि वे समाज के प्रति अपने कर्तव्यों के प्रति भी अधिक सजग बनते हैं।
