केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कर्नाटक में श्री बीरेश्वर को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी के नए कार्यालय का उद्घाटन किया
केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बेलगावी में श्री बीरेश्वर को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी के नए प्रधान कार्यालय का उद्घाटन किया। उन्होंने सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों और 'सहकार से समृद्धि' के विजन पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर उन्होंने संस्था की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि देश की आधी आबादी किसी न किसी रूप में सहकारी व्यवस्था से जुड़ी हुई है।
VIMARSHNAARAD TVकेंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कर्नाटक के बेलगावी जिले में श्री बीरेश्वर को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड के नए प्रधान कार्यालय का औपचारिक उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी सहित राज्य के कई गणमान्य व्यक्ति और सहकारी क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मंत्री ने संस्था की पूरी टीम को बधाई देते हुए इसे कर्नाटक के सहकारिता जगत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
श्री मोहोल ने बताया कि श्री बीरेश्वर को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी का विस्तार काफी व्यापक है, जिसके देशभर में 263 शाखाएं और लगभग 4.60 लाख सदस्य हैं। सोसाइटी का कुल कारोबार 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक का है। उन्होंने इस अवसर पर संस्था के 36वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में सभी सदस्यों को शुभकामनाएं दीं।
मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सहकार से समृद्धि' के विजन और गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद इस क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन आए हैं। वर्तमान में देश में 8.5 लाख से अधिक सहकारी संस्थाएं कार्य कर रही हैं, जिनसे लगभग 32 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं।
सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए श्री मोहोल ने बताया कि 80 हजार प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के कम्प्यूटरीकरण के लिए 3 हजार करोड़ रुपये का कार्य शुरू किया गया है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण सहकारी संस्थाओं को 25 से अधिक व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय के स्रोत बढ़ाए गए हैं।
सहकारी बैंकिंग को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों के लिए एक अम्ब्रेला ऑर्गनाइजेशन और ग्रामीण बैंकों के लिए 'सहकार सारथी' प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है। मंत्री ने यह भी कहा कि अगले 10 वर्षों में इस क्षेत्र को 17 लाख प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता होगी, जिसे पूरा करने के लिए 'त्रिभुवन' सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है।
अंत में, श्री मोहोल ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह संस्था सहकारी सोसाइटियों को वित्तीय और तकनीकी सहयोग प्रदान करने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि श्री बीरेश्वर को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी भविष्य में भी सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अपना योगदान जारी रखेगी।