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केंद्रीय मंत्री सी. आर. पाटिल ने जल संसाधन विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा की, समयबद्ध कार्य पर दिया जोर

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया। उन्होंने परियोजनाओं में आ रही बाधाओं को दूर करने और कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। मंत्री ने नवीनतम तकनीक के उपयोग और केंद्र-राज्य के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष बल दिया ताकि जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

केंद्रीय मंत्री सी. आर. पाटिल ने जल संसाधन विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा की, समयबद्ध कार्य पर दिया जोर
आधिकारिक स्रोत का चित्र: Press Information Bureau, Government of India · PIB reusable material · Press Information Bureau

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने हाल ही में जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विभाग और उसके अधीन कार्यरत विभिन्न संगठनों द्वारा संचालित योजनाओं और पहलों की वर्तमान स्थिति की व्यापक समीक्षा करना था।

बैठक के दौरान स्वच्छ गंगा राष्ट्रीय मिशन, केंद्रीय जल आयोग और केंद्रीय भूजल बोर्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण निकायों ने अपनी चल रही परियोजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। चर्चा का केंद्र इन परियोजनाओं के कार्यान्वयन में आ रही चुनौतियां और उनकी गुणवत्ता में सुधार के उपाय रहे।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि परियोजनाओं में देरी न केवल लागत को बढ़ाती है, बल्कि इससे आम जनता को मिलने वाले लाभ भी प्रभावित होते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उन सभी बाधाओं की पहचान करें जो काम की गति को धीमा कर रही हैं और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।

तकनीकी नवाचार पर जोर देते हुए सी. आर. पाटिल ने कहा कि जल विज्ञान आधुनिकीकरण, बाढ़ पूर्वानुमान और भूजल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक का उपयोग अनिवार्य है। उन्होंने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मौजूदा दिशा-निर्देशों को सरल बनाने का सुझाव दिया।

केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग को उन्होंने सफलता की कुंजी बताया। मंत्री ने कहा कि लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए दोनों स्तरों पर घनिष्ठ समन्वय आवश्यक है, जिससे परियोजनाओं का कार्यान्वयन सुचारू रूप से हो सके।

बैठक के अंत में उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि समीक्षा के दौरान लिए गए निर्णयों पर प्रभावी ढंग से अमल किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर परिणाम प्राप्त करने के लिए कार्यों की निरंतर निगरानी बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

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