केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 'भारत इनोवेट्स 2026' पर आधारित विशेष स्मारक पुस्तक का विमोचन किया
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने नई दिल्ली में 'भारत इनोवेट्स 2026' पर एक स्मारक पुस्तक जारी की। यह पुस्तक फ्रांस के नीस में आयोजित कार्यक्रम का दस्तावेजीकरण करती है, जो भारतीय युवा नवोन्मेषकों को वैश्विक मंच प्रदान करने और उन्हें उद्योग जगत से जोड़ने की एक पहल है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने नई दिल्ली में 'भारत इनोवेट्स 2026' पर आधारित एक स्मारक पुस्तक का अनावरण किया। यह पुस्तक इस वर्ष जून में फ्रांस के नीस में आयोजित 'भारत इनोवेट्स' के पहले संस्करण की यात्रा को दर्शाती है। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता को देश की प्रगति का आधार बनाया है।
यह पहल युवा प्रतिभाओं को अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने और वैश्विक हितधारकों के साथ जुड़ने का अवसर देती है। श्री जोशी ने इस बात पर जोर दिया कि यदि युवाओं को सही अवसर और नेटवर्क मिले, तो वे असाधारण परिणाम दे सकते हैं। यह कार्यक्रम भारत के उच्च शिक्षा और अनुसंधान इकोसिस्टम की मजबूती को भी दर्शाता है।
शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि 'भारत इनोवेट्स' जैसे मंच इन लक्ष्यों को वास्तविक धरातल पर उतारने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।
यह पुस्तक उन डीप-टेक नवोन्मेषकों की खोज से लेकर उनके अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन तक की पूरी यात्रा का विवरण देती है। शिक्षा मंत्रालय की इस पहल का मुख्य उद्देश्य उच्च-क्षमता वाले नवाचारों को पहचानना और उन्हें पोषित करना है। इससे तकनीक को प्रयोगशाला से बाजार तक ले जाने में मदद मिलती है।
इस कार्यक्रम के पहले संस्करण में देश भर से 120 डीप-टेक स्टार्टअप और 45 अनुसंधान परियोजनाओं को शामिल किया गया था। इन प्रतिभागियों को निवेशकों और वैश्विक बाजारों से जुड़ने के लिए एक मंच प्रदान किया गया। यह पहल परिसर से दुनिया तक के सफर को सुगम बनाने का प्रयास करती है।
विमोचन समारोह में सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद और नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इसके अलावा, विभिन्न आईआईटी के निदेशक और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रतिनिधि भी ऑनलाइन माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
यह स्मारक पुस्तक भारत के शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और शिक्षण संस्थानों की उद्यमशीलता की भावना को रेखांकित करती है। यह भविष्य के लिए नवाचार आधारित विकास का एक रोडमैप भी प्रस्तुत करती है।
