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केंद्र सरकार ने 18 सदस्यों के साथ केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड का किया पुनर्गठन

भारत सरकार ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) का पुनर्गठन करते हुए 18 नए सदस्यों को नियुक्त किया है। यह निर्णय सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 के तहत लिया गया है। बोर्ड के नए सदस्यों में सुनील शेट्टी, प्रीति जिंटा, पंकज त्रिपाठी और रूपाली गांगुली जैसी हस्तियां शामिल हैं। यह पुनर्गठन तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और यह अगले तीन वर्षों तक या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।

केंद्र सरकार ने 18 सदस्यों के साथ केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड का किया पुनर्गठन
लाइसेंस प्राप्त विषय चित्र: Shield Connectors · CC BY-SA 2.0 · Openverse

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 16 सितंबर, 2026 को एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के पुनर्गठन की घोषणा की है। सरकार ने सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 की धारा 3 की उप-धारा (1) और सिनेमैटोग्राफ (प्रमाणन) नियमावली, 2024 के नियमों का पालन करते हुए यह कदम उठाया है।

पुनर्गठित बोर्ड में कुल 18 सदस्यों को शामिल किया गया है। इन सदस्यों का चयन फिल्म और कला जगत की विभिन्न हस्तियों में से किया गया है, जो बोर्ड के कामकाज में अपना अनुभव साझा करेंगे।

बोर्ड में शामिल प्रमुख नामों में विनोद अनुपम, मनोज जोशी, अभिषेक जैन, रिकी केज, प्रियदर्शन, सुनील शेट्टी, हंसराज हंस, सुप्रिया यारलागड्डा, यतींद्र मिश्र, रूपाली गांगुली, प्रीति जिंटा, नीला माधव पांडा, पंकज त्रिपाठी, प्रसेनजीत चटर्जी, पल्लवी जोशी, निशिगंधा वाड, वामन केन्द्रे और रमेश पतंगे शामिल हैं।

यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू की गई है। सरकार के आदेशानुसार, यह बोर्ड अगले तीन वर्षों की अवधि के लिए कार्य करेगा। हालांकि, यदि इस बीच कोई नया आदेश जारी किया जाता है, तो वह प्रभावी होगा।

सीबीएफसी का मुख्य कार्य फिल्मों के प्रदर्शन के लिए प्रमाणन प्रदान करना है। बोर्ड के इस पुनर्गठन का उद्देश्य प्रमाणन प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाना है।

मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सभी सदस्यों को बोर्ड की जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए अधिकृत किया गया है। यह बदलाव फिल्म उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।

बोर्ड के सदस्य अपने संबंधित क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखते हैं, जिससे प्रमाणन प्रक्रिया में विविधता और अनुभव का समावेश होगा। सरकार ने इस पुनर्गठन के माध्यम से बोर्ड की कार्यक्षमता को बढ़ाने का प्रयास किया है।

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मूल संदर्भ

01Press Information Bureauमूल रिपोर्ट देखें ↗