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केजीएमयू नर्सिंग भर्ती 2023 में गड़बड़ी की जांच तेज, एसटीएफ खंगाल रही है दस्तावेज

लखनऊ के केजीएमयू में वर्ष 2023 में हुई नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर जांच का दायरा बढ़ गया है। एसटीएफ अब इस मामले से जुड़े हर दस्तावेज की बारीकी से जांच कर रही है। इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल कई अधिकारियों पर अब गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है।

राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में वर्ष 2023 में आयोजित नर्सिंग भर्ती परीक्षा विवादों के घेरे में आ गई है। इस भर्ती प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों के बाद अब जांच एजेंसियों ने सख्ती बढ़ा दी है। विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने इस मामले की गहन पड़ताल शुरू कर दी है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, एसटीएफ की टीम भर्ती से संबंधित एक-एक दस्तावेज को खंगालने में जुटी है। इस प्रक्रिया में शामिल रहे कई अधिकारियों की भूमिका संदेह के दायरे में है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि भर्ती में किस स्तर पर और कैसे धांधली की गई।

भर्ती प्रक्रिया में शामिल रहे अधिकारियों पर अब कार्रवाई की तलवार लटक रही है। सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में अनियमितताएं साबित होती हैं, तो कई बड़े अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। एसटीएफ की यह कार्रवाई भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

केजीएमयू जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में भर्ती को लेकर हुए इस विवाद ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। अभ्यर्थी लंबे समय से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे, जिसके बाद अब एसटीएफ ने कमान संभाली है।

जांच टीम फिलहाल उन दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है जो परीक्षा के आयोजन और चयन प्रक्रिया से सीधे जुड़े हैं। इसमें ओएमआर शीट से लेकर चयन सूची तक के रिकॉर्ड शामिल हो सकते हैं। एसटीएफ की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

इस मामले में अभी तक किसी भी अधिकारी की गिरफ्तारी या निलंबन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच की दिशा स्पष्ट रूप से दोषियों की पहचान की ओर बढ़ रही है। प्रशासन ने भी इस मामले में सहयोग का आश्वासन दिया है।

नर्सिंग भर्ती में हुई इस कथित धांधली ने न केवल केजीएमयू की साख पर असर डाला है, बल्कि राज्य में सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया को लेकर भी चिंताएं बढ़ा दी हैं। अब सबकी निगाहें एसटीएफ की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊमूल रिपोर्ट देखें ↗