केरल फिल्म फेस्टिवल में फिल्मों की स्क्रीनिंग पर सूचना मंत्रालय ने दी सफाई, आरोपों को किया खारिज
18वें आईडीएसएफएफके (IDSFFK) में फिल्मों को अनुमति न मिलने के आरोपों पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अपना पक्ष रखा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी फिल्म की स्क्रीनिंग को प्रतिबंधित या खारिज नहीं किया गया है। शशि थरूर द्वारा लगाए गए आरोपों के जवाब में मंत्रालय ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी साझा की है।

केरल में आयोजित होने वाले 18वें अंतरराष्ट्रीय लघु फिल्म महोत्सव (IDSFFK) को लेकर हाल ही में विवाद की स्थिति बनी थी। इस आयोजन में कुछ फिल्मों की स्क्रीनिंग को अनुमति न मिलने की खबरें सामने आई थीं, जिसके बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इन दावों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया है कि महोत्सव के लिए किसी भी फिल्म को खारिज नहीं किया गया है।
इस पूरे मामले ने तब तूल पकड़ा जब कांग्रेस नेता शशि थरूर ने महोत्सव में फिल्मों की स्क्रीनिंग को लेकर सवाल उठाए थे। थरूर के आरोपों के बाद मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए स्थिति को स्पष्ट करने का प्रयास किया। मंत्रालय के अनुसार, महोत्सव में दिखाई जाने वाली फिल्मों के चयन और स्क्रीनिंग को लेकर जो भी दावे किए जा रहे हैं, वे तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं।
मंत्रालय ने अपने बयान में जोर देकर कहा है कि उनकी ओर से किसी भी फिल्म को प्रतिबंधित करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। यह स्पष्टीकरण उन अटकलों को शांत करने के लिए दिया गया है जो पिछले कुछ दिनों से फिल्म जगत और सोशल मीडिया पर चल रही थीं। मंत्रालय ने इस बात पर बल दिया कि वे कलात्मक अभिव्यक्ति के प्रति प्रतिबद्ध हैं और किसी भी फिल्म को रोकने का कोई इरादा नहीं है।
IDSFFK जैसे प्रतिष्ठित मंच पर फिल्मों के चयन की प्रक्रिया को लेकर अक्सर चर्चाएं होती रहती हैं। इस बार भी जब कुछ फिल्मों के नाम स्क्रीनिंग सूची से गायब होने की बात उठी, तो इसे लेकर काफी बहस छिड़ गई थी। मंत्रालय के इस ताजा बयान के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि आधिकारिक स्तर पर किसी भी फिल्म को बाहर नहीं किया गया है।
आयोजन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि फिल्म महोत्सव की अपनी एक प्रक्रिया होती है, जिसके तहत फिल्मों का चयन किया जाता है। मंत्रालय ने अपने रुख से यह संकेत दिया है कि वे महोत्सव के सुचारू संचालन के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इस मामले में मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी को अब अंतिम माना जा रहा है।
शशि थरूर के आरोपों के बाद मंत्रालय का यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि फिल्म महोत्सव में किसी भी प्रकार का विवाद न हो और सभी फिल्में अपनी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रदर्शित की जा सकें।
अंत में, मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे भविष्य में भी ऐसी किसी भी गलतफहमी को दूर करने के लिए तत्पर रहेंगे। फिल्म प्रेमियों के लिए यह एक राहत की खबर है कि महोत्सव में किसी भी फिल्म को लेकर कोई आधिकारिक रोक नहीं लगाई गई है।
