कैट की जम्मू बेंच ने सेवा मामलों के निपटारे में रचा इतिहास: डॉ. जितेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) की जम्मू बेंच ने सेवा संबंधी मामलों के निपटारे में देश में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। जम्मू और श्रीनगर बेंचों ने कुल 41,389 मामलों में से अधिकांश का निस्तारण किया है। मंत्री ने बहू प्लाजा में नए कार्यालय-सह-न्यायालय परिसर का उद्घाटन करते हुए कहा कि इससे सरकारी कर्मचारियों को त्वरित और किफायती न्याय मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हाल ही में जम्मू के बहू प्लाजा में केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) की जम्मू बेंच के नए कार्यालय-सह-न्यायालय परिसर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि जम्मू और श्रीनगर स्थित बेंचों ने सेवा संबंधी मामलों के निपटारे में उल्लेखनीय गति दिखाई है। उन्होंने कहा कि यह न्यायाधिकरण देश में सबसे अधिक मामले निपटाने वाली बेंचों में से एक बन गया है।
आंकड़ों के अनुसार, कैट की इन बेंचों के पास जम्मू एवं कश्मीर उच्च न्यायालय से 20,984 मामले स्थानांतरित किए गए थे, जिनमें से 18,392 का निपटारा किया जा चुका है। इसके अलावा, सीधे प्राप्त 20,405 नए मामलों में से 13,952 का निस्तारण हुआ है। कुल 41,389 मामलों पर कार्रवाई की गई है, जिससे लंबित मामलों की संख्या काफी कम हो गई है।
डॉ. सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि कैट की जम्मू बेंच के फैसलों के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की दर मात्र 8 प्रतिशत है, जो न्यायाधिकरण की कार्यक्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कैट का मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को सस्ता और त्वरित न्याय प्रदान करना है। मूल आवेदन के लिए केवल 50 रुपये की मामूली फीस ली जाती है, जबकि अन्य याचिकाओं के लिए कोई शुल्क नहीं है।
मंत्री ने बताया कि न्यायाधिकरण ने तकनीक का भरपूर उपयोग किया है। एडवांस केस इन्फॉर्मेशन सिस्टम, ई-फाइलिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी सुविधाओं ने न्याय प्रक्रिया को सुगम बनाया है। कोविड-19 के दौरान भी इन डिजिटल माध्यमों से काम जारी रहा। उन्होंने कहा कि सरकार कैट की संस्थागत क्षमता को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है ताकि कर्मचारियों की शिकायतों का तेजी से समाधान हो सके।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू के वकीलों और राज्य सरकार के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि नया परिसर बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाएगा और न्यायाधिकरण को अपनी पूरी क्षमता से काम करने में मदद करेगा। कैट के कामकाज में पारदर्शिता और गति लाने के लिए 'मिशन कर्मयोगी' के तहत अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
