कैलाश खेर का संगीत पर जोर: 'म्यूजिकल इवेंट में शाहरुख को बुला लेंगे', आयोजकों पर जताई नाराजगी
गायक कैलाश खेर इन दिनों अपने नए गीत 'थम जा' को लेकर चर्चा में हैं। एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने संगीत कार्यक्रमों में कलाकारों के चयन और आयोजकों की प्राथमिकताओं पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि संगीत की अपनी पहचान होनी चाहिए, न कि केवल बड़े सितारों के नाम पर कार्यक्रम चलने चाहिए। खेर ने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि केवल नाम ही चाहिए तो आयोजक शाहरुख खान को ही बुला लें।
प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर अपने हालिया रिलीज गाने 'थम जा' के साथ सुर्खियों में बने हुए हैं। अमर उजाला के साथ एक साक्षात्कार में, उन्होंने संगीत उद्योग और लाइव इवेंट्स के बदलते स्वरूप पर खुलकर बात की। खेर ने संगीत की शुद्धता और कलाकारों की प्रतिभा को प्राथमिकता देने की वकालत की।
खेर ने अपने नए गाने 'थम जा' के बारे में बताते हुए कहा कि यह गीत जीवन के उन खूबसूरत पलों को संजोने की इच्छा को व्यक्त करता है, जिन्हें इंसान यादों में बदलने से पहले थाम लेना चाहता है। उन्होंने इस गाने के माध्यम से भावनाओं की गहराई को छूने का प्रयास किया है।
साक्षात्कार के दौरान, कैलाश खेर ने संगीत कार्यक्रमों के आयोजकों के प्रति अपनी नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि आजकल आयोजक संगीत की गुणवत्ता के बजाय बड़े फिल्मी सितारों के नाम पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उन्होंने इस प्रवृत्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि संगीत की अपनी एक अलग पहचान और गरिमा होती है।
खेर ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यदि आयोजकों को केवल भीड़ जुटाने के लिए बड़े नामों की ही जरूरत है, तो वे सीधे शाहरुख खान को ही बुला लें। उनका मानना है कि संगीत कार्यक्रमों में संगीतकारों और गायकों की कला को सम्मान मिलना चाहिए, न कि उन्हें केवल एक सहायक के रूप में देखा जाना चाहिए।
कैलाश खेर का मानना है कि संगीत की दुनिया में प्रतिभा को पहचान मिलनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि संगीत कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य कला का प्रदर्शन होना चाहिए, न कि केवल ग्लैमर का तड़का लगाना।
अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि वे हमेशा से ही संगीत की मौलिकता के पक्षधर रहे हैं। उन्होंने आयोजकों से आग्रह किया कि वे संगीत की समझ रखने वाले कलाकारों को मंच दें ताकि श्रोताओं को बेहतर अनुभव मिल सके।
कैलाश खेर के इस बयान ने संगीत जगत में एक नई बहस छेड़ दी है। उनके प्रशंसक और संगीत प्रेमी उनके इस रुख का समर्थन कर रहे हैं और संगीत की गुणवत्ता को लेकर उनकी चिंता को जायज मान रहे हैं।
