कॉरपोरेट मित्र पाठ्यक्रम का पहला बैच शुरू, 2879 शिक्षार्थियों ने लिया प्रवेश
कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने 'कॉरपोरेट मित्र' पाठ्यक्रम का पहला बैच शुरू किया है, जिसमें 2879 छात्रों ने पंजीकरण कराया है। इसका उद्देश्य एमएसएमई को व्यावसायिक अनुपालन में मदद करने के लिए कुशल पैरा-प्रोफेशनल्स तैयार करना है।
कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के मार्गदर्शन में एक नई पहल 'कॉरपोरेट मित्र' पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। इस पाठ्यक्रम के पहले बैच में 2879 शिक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया है। यह कार्यक्रम भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान, भारतीय कंपनी सचिव संस्थान और भारतीय लागत लेखाकार संस्थान के सहयोग से शुरू हुआ है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों यानी एमएसएमई को व्यावसायिक और नियामकीय अनुपालनों के प्रबंधन में सहायता प्रदान करना है। इसके लिए प्रशिक्षित पैरा-प्रोफेशनल्स का एक समूह तैयार किया जाएगा। इस कार्यक्रम में आईआईटी मद्रास और स्वयं प्लस का तकनीकी सहयोग भी शामिल है।
पाठ्यक्रम का आधिकारिक उद्घाटन नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में हुआ, जिसमें मंत्रालय की संयुक्त सचिव अनीता शाह अकेला और तीनों प्रोफेशनल संस्थानों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। श्रीमती अकेला ने कहा कि इस पहल का लक्ष्य अनुपालन को उद्यमियों के लिए सरल और सुलभ बनाना है।
यह पाठ्यक्रम कुल 12 महीने की अवधि का है, जिसे दो चरणों में बांटा गया है। पहले छह महीने शिक्षार्थियों को 150 घंटे का संरचित शैक्षणिक शिक्षण दिया जाएगा, जिसमें रिकॉर्ड किए गए वीडियो व्याख्यान शामिल हैं। इसके बाद अगले छह महीने उन्हें प्रोफेशनल फर्मों में व्यावहारिक कार्यस्थल प्रशिक्षण प्राप्त होगा।
डिजिटल शिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से छात्रों को विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई सामग्री, मूल्यांकन और चर्चा मंच उपलब्ध कराए जाएंगे। यह पहल न केवल कारोबार सुगमता को बढ़ावा देगी, बल्कि रोजगार सृजन और समावेशी आर्थिक विकास में भी सहायक सिद्ध होगी।
सरकार का मानना है कि 'कॉरपोरेट मित्र' पहल अनुपालन को एक बोझ के बजाय पारदर्शिता और जवाबदेही के माध्यम के रूप में स्थापित करेगी। यह कार्यक्रम भारत के एमएसएमई क्षेत्र के औपचारिककरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस अवसर पर सभी संबंधित संस्थानों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भी मौजूद थे, जिन्होंने इस पाठ्यक्रम की सफलता के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। आने वाले समय में इस पाठ्यक्रम के माध्यम से तैयार होने वाले पेशेवर एमएसएमई क्षेत्र को नई दिशा देने का काम करेंगे।
