कोयला मंत्रालय ने विशेष अभियान 6.0 की तैयारी शुरू की, स्वच्छता और कार्यक्षमता पर रहेगा जोर
कोयला मंत्रालय ने आगामी 'विशेष अभियान 6.0' के लिए एक तैयारी बैठक आयोजित की। मंत्रालय ने स्वच्छता, ई-कचरा प्रबंधन और कार्यस्थल की दक्षता बढ़ाने के अपने संकल्प को दोहराया। पिछले अभियान में मंत्रालय ने खाली स्थान और राजस्व अर्जन में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की थी।

कोयला मंत्रालय ने 'विशेष अभियान 6.0' की रूपरेखा तैयार करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इस बैठक की अध्यक्षता मंत्रालय के संयुक्त सचिव संजीव कुमार कस्सी ने की। इसमें कोल इंडिया लिमिटेड, एनएलसी इंडिया लिमिटेड, कोयला नियंत्रक संगठन और कोयला खान भविष्य निधि संगठन के नोडल अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक के दौरान आगामी अभियान के उद्देश्यों और कार्यान्वयन की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों को पिछले 'विशेष अभियान 5.0' के दौरान मंत्रालय द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों और अपनाई गई सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों से अवगत कराया गया।
इस नए अभियान के प्रमुख लक्ष्यों में ई-कचरे का सही निपटान, कार्यालयों का विस्तार, आधुनिक सफाई तकनीकों का उपयोग और स्क्रैप का कुशल प्रबंधन शामिल है। इसके अलावा, डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने और कचरे से धन सृजन करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मंत्रालय का लक्ष्य नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाना और संस्थागत प्रोटोकॉल को और अधिक मजबूत करना है। पर्यावरण-अनुकूल पद्धतियों को अपनाकर कार्यस्थल को अधिक स्वच्छ और हरित बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
डीएआरपीजी की पिछली मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार, कोयला मंत्रालय ने विशेष अभियान 5.0 में खाली किए गए स्थान के मामले में देश में पहला स्थान हासिल किया था। वहीं, राजस्व अर्जन के मामले में मंत्रालय तीसरे स्थान पर रहा था।
इन उपलब्धियों ने आगामी अभियान के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है। मंत्रालय ने स्वच्छता, पर्यावरणीय स्थिरता और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया है।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि मंत्रालय लंबित मामलों के समय पर निपटान और प्रशासनिक प्रभावशीलता को प्राथमिकता देना जारी रखेगा। इसका मुख्य उद्देश्य एक अधिक कुशल, व्यवस्थित और कार्य-अनुकूल वातावरण का निर्माण करना है।
