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कौशांबी: पटाखा गोदाम में भीषण विस्फोट, मलबे में अपनों को तलाशते रहे परिजन

कौशांबी के चायल क्षेत्र में एक पटाखा गोदाम में हुए जोरदार धमाके में मजदूरों के चिथड़े उड़ गए। घटनास्थल पर स्थिति इतनी भयावह थी कि पहचान के लिए केवल पैर की अंगुलियों का सहारा लेना पड़ा। धमाका इतना शक्तिशाली था कि लोहे की कड़ाही 150 मीटर दूर जा गिरी। लापता मजदूरों के परिजन दूसरे दिन भी मलबे में अपनों को खोजते रहे।

कौशांबी जिले के चायल स्थित महमूदपुर मनौरी में एक पटाखा गोदाम में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया है। इस हादसे में मारे गए मजदूरों के अवशेष खेतों में दूर-दूर तक बिखर गए, जिससे घटनास्थल का मंजर अत्यंत दुखद हो गया। विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोहे की एक भारी कड़ाही धमाके के बाद करीब 150 मीटर दूर जाकर गिरी।

हादसे के बाद प्रशासन और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। शवों की स्थिति इतनी क्षत-विक्षत थी कि उनकी पहचान करना एक बड़ी चुनौती बन गई। अधिकारियों को पीड़ितों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए केवल पैर की अंगुलियों और शरीर के कुछ हिस्सों का सहारा लेना पड़ा।

घटना के दूसरे दिन भी लापता मजदूरों के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। बूंदी कारखाने में काम करने वाले मजदूरों के माता-पिता और उनकी पत्नियां मलबे के बीच अपने प्रियजनों को तलाशती नजर आईं। उनकी चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, गोदाम में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखी गई थी, जिसके कारण धमाका इतना शक्तिशाली हुआ। विस्फोट के बाद आसपास के खेतों में भी तबाही के निशान देखे गए। प्रशासन ने इस मामले में सुरक्षा मानकों की जांच के आदेश दिए हैं।

पुलिस ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत मलबे से मिले अवशेषों का डीएनए परीक्षण कराया जा सकता है ताकि मृतकों की सही पहचान हो सके। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और लोग इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं।

यह हादसा पटाखा निर्माण इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या गोदाम के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रमाणपत्र और मानक पूरे किए गए थे।

प्रशासन ने पीड़ितों के परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। साथ ही, इस मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबीमूल रिपोर्ट देखें ↗