कौशांबी पटाखा फैक्टरी धमाका: अवैध कारोबार की करोड़ों की सल्तनत पर चला प्रशासन का बुलडोजर
कौशांबी में हुए पटाखा फैक्टरी विस्फोट के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य आरोपी नौशाद अली और उसके बेटे आदिल ने बारूद के अवैध कारोबार से जो करोड़ों की संपत्ति बनाई थी, उसे बुलडोजर से ढहा दिया गया है। बताया गया है कि नौशाद फैक्टरी की ऊपरी मंजिल पर ही रहता था।
VIMARSHNAARAD TVकौशांबी में पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। अमर उजाला नेटवर्क की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हादसे के मुख्य आरोपी नौशाद अली और उसके बेटे आदिल द्वारा अवैध रूप से खड़े किए गए करोड़ों के साम्राज्य को प्रशासन ने जमींदोज कर दिया है।
जांच में सामने आया है कि नौशाद अली ने बारूद और पटाखों के अवैध कारोबार के जरिए भारी संपत्ति अर्जित की थी। इस फैक्टरी के संचालन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप यह दर्दनाक हादसा हुआ। प्रशासन ने अब इस अवैध निर्माण को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है।
रिपोर्ट के अनुसार, नौशाद अली का परिवार फैक्टरी की ऊपरी मंजिल पर ही निवास करता था। विस्फोट के बाद से ही प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी थी। बुलडोजर की कार्रवाई को इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध रूप से संचालित किसी भी प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई के जरिए प्रशासन ने एक कड़ा संदेश देने का प्रयास किया है कि सुरक्षा नियमों के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
विस्फोट के बाद से ही इलाके में हड़कंप मचा हुआ था। प्रशासन ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद अवैध निर्माण को चिन्हित किया और फिर उसे गिराने की प्रक्रिया शुरू की। इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।
नौशाद अली और उसके बेटे आदिल की भूमिका की जांच अभी भी जारी है। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल थे। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा सुनिश्चित करने के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
यह घटना सुरक्षा मानकों के प्रति लापरवाही का एक बड़ा उदाहरण है। प्रशासन ने अब जिले में चल रही अन्य पटाखा फैक्ट्रियों की भी जांच करने के संकेत दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी दुर्घटना को रोका जा सके।