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कौशांबी में पटाखा फैक्टरी में भीषण धमाका, पिता का आखिरी तोहफा पहनकर उजड़ गया संजना का संसार

उत्तर प्रदेश के कौशांबी में एक पटाखा फैक्टरी में हुए दर्दनाक धमाके ने 15 वर्षीय संजना का पूरा परिवार छीन लिया। रक्षाबंधन से दो दिन पहले पिता द्वारा उपहार में दी गई टी-शर्ट, जिस पर 'नेवर लुक बैक' लिखा था, अब उसके लिए पिता की अंतिम निशानी बन गई है। इस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया है।

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में एक पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए खत्म कर दीं। इस हादसे में 15 वर्षीय संजना ने अपने पूरे परिवार को खो दिया है। घटना के बाद से ही इलाके में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस दुखद घड़ी में स्तब्ध है।

संजना के लिए यह दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं था। रक्षाबंधन के त्योहार से महज दो दिन पहले उसके पिता ने उसे नए कपड़े उपहार में दिए थे। संजना ने वही टी-शर्ट पहनी थी, जिस पर 'नेवर लुक बैक' यानी कभी पीछे मुड़कर मत देखना लिखा था। उसे तनिक भी आभास नहीं था कि यह टी-शर्ट उसके पिता द्वारा दिया गया आखिरी तोहफा साबित होगी।

धमाका इतना जोरदार था कि फैक्टरी के आसपास का इलाका दहल उठा। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस हादसे में संजना के परिवार के सदस्यों की जान चली गई, जिससे वह पूरी तरह अकेली रह गई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, फैक्टरी में काम करने वाले लोग अक्सर अपनी जान जोखिम में डालकर काम करते थे। इस घटना ने सुरक्षा मानकों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके।

संजना की स्थिति को देखकर हर किसी की आंखें नम हैं। उसके पिता का वह आखिरी उपहार अब उसके लिए एक ऐसी याद बन गया है जिसे वह कभी नहीं भूल पाएगी। 'नेवर लुक बैक' का संदेश अब उसके जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी का गवाह बन गया है।

पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए आसपास के लोग जुट रहे हैं। प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया गया है, लेकिन परिवार की क्षति की भरपाई करना असंभव है।

यह घटना न केवल एक परिवार के लिए व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि यह पटाखा फैक्टरी में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर भी एक चेतावनी है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग उठ रही है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबीमूल रिपोर्ट देखें ↗