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गाजीपुर के मेडिकल कॉलेज में बड़ी लापरवाही: घुटने की एमआरआई कराने पहुंचे भाजपा नेता को मिली ब्रेन की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मनिहारी द्वितीय से भाजपा के मंडल महामंत्री राजू मिश्रा ने मेडिकल कॉलेज के 300 बेड अस्पताल में अपने घुटने की एमआरआई करवाई थी, लेकिन उन्हें रिपोर्ट में दिमाग (ब्रेन) की जांच के परिणाम मिले। इस गंभीर लापरवाही के कारण उनका इलाज बीच में ही अटक गया है और मरीज को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

गाजीपुर के मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा व्यवस्था की एक बड़ी चूक सामने आई है, जिससे मरीज को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मनिहारी द्वितीय क्षेत्र के भाजपा मंडल महामंत्री राजू मिश्रा घुटने की समस्या से परेशान थे और इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज के 300 बेड वाले अस्पताल पहुंचे थे।

डॉक्टरों की सलाह पर उन्होंने अपने घुटने की एमआरआई (MRI) जांच करवाई। हालांकि, जब उन्हें जांच की रिपोर्ट सौंपी गई, तो वह दंग रह गए। रिपोर्ट में घुटने के बजाय उनके दिमाग (ब्रेन) की जांच के परिणाम दर्ज थे।

इस तकनीकी त्रुटि के कारण राजू मिश्रा का इलाज तुरंत प्रभाव से रुक गया है। सही रिपोर्ट न मिल पाने की वजह से डॉक्टर आगे की उपचार प्रक्रिया शुरू नहीं कर पा रहे हैं। मरीज ने इस मामले में अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

अस्पताल में इस तरह की लापरवाही से मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होने का डर बना रहता है। राजू मिश्रा ने बताया कि उन्होंने काफी उम्मीद के साथ सरकारी अस्पताल में जांच करवाई थी, लेकिन इस गलती ने उन्हें मुसीबत में डाल दिया है।

मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में एमआरआई जैसी महत्वपूर्ण जांच में हुई यह गड़बड़ी प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगाती है। मरीजों को उम्मीद होती है कि सरकारी संस्थानों में जांच की प्रक्रिया सटीक होगी, लेकिन इस मामले ने व्यवस्था की पोल खोल दी है।

फिलहाल, मरीज को अपनी सही रिपोर्ट पाने के लिए दोबारा चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इस घटना ने अस्पताल की साख पर भी असर डाला है और लोग अब अपनी जांच की सटीकता को लेकर चिंतित हैं।

अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या सुधारात्मक कदम की जानकारी नहीं दी गई है। मरीज अब अपनी सही रिपोर्ट मिलने का इंतजार कर रहे हैं ताकि उनका इलाज शुरू हो सके।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुरमूल रिपोर्ट देखें ↗