गेहूं उत्पादन में अव्वल होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में आटा और मैदा महंगे, मिलर्स ने जताई चिंता
उत्तर प्रदेश देश में गेहूं का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है, फिर भी यहां आटा, मैदा और सूजी की कीमतें अन्य राज्यों की तुलना में अधिक हैं। रोलर फ्लोर मिलर्स ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है।
VIMARSHNAARAD TVउत्तर प्रदेश देश में गेहूं उत्पादन के मामले में अग्रणी राज्य बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद राज्य के निवासियों को आटा, मैदा और सूजी के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पड़ोसी राज्यों की तुलना में उत्तर प्रदेश में इन आवश्यक खाद्य पदार्थों के दाम काफी ऊंचे हैं।
इस स्थिति को लेकर रोलर फ्लोर मिलर्स ने अपनी गहरी चिंता जाहिर की है। मिलर्स का कहना है कि उत्पादन अधिक होने के बावजूद उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल पा रही है, जो कि एक विरोधाभासी स्थिति है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आपूर्ति श्रृंखला और बाजार के कारकों के कारण कीमतों में यह अंतर देखने को मिल रहा है। स्थानीय स्तर पर गेहूं की उपलब्धता प्रचुर होने के बाद भी खुदरा बाजार में कीमतें कम नहीं हो रही हैं।
आटा और मैदा जैसे बुनियादी खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम जनता की रसोई के बजट पर पड़ रहा है। मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
मिलर्स ने सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है ताकि कीमतों को नियंत्रित किया जा सके। उनका तर्क है कि यदि उचित कदम उठाए जाएं, तो राज्य में गेहूं की प्रचुरता का लाभ आम उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा सकता है।
फिलहाल, इस मुद्दे पर संबंधित विभागों की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है। बाजार में कीमतों का यह उतार-चढ़ाव लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
राज्य के किसान और उपभोक्ता दोनों ही इस विसंगति को लेकर चिंतित हैं। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में इस पर कोई नीतिगत निर्णय लिया जाएगा ताकि कीमतों को स्थिर किया जा सके।