ग्रेटर नोएडा इंटरनेशनल ट्रेड शो में अलीगढ़ के स्वाद का जलवा, विदेशों तक पहुंची मिठाई
ग्रेटर नोएडा में आयोजित इंटरनेशनल ट्रेड शो में अलीगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों ने खूब सुर्खियां बटोरीं। यहां की कचौड़ी, चमचम, सोन-पापड़ी और केसर पेड़ा का स्वाद देसी और विदेशी मेहमानों को खूब भाया। इस आयोजन में 80 देशों के उद्यमियों ने हिस्सा लिया। अलीगढ़ की मिठाइयों की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चार दिनों के भीतर इनकी डिलीवरी अमेरिका तक शुरू हो गई है।
VIMARSHNAARAD TVग्रेटर नोएडा में आयोजित इंटरनेशनल ट्रेड शो में अलीगढ़ के स्थानीय उत्पादों ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। इस प्रदर्शनी में अलीगढ़ की मशहूर कचौड़ी और चमचम ने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि विदेशी मेहमानों का भी दिल जीत लिया है। ट्रेड शो के दौरान इन व्यंजनों के स्टॉल पर लोगों की भारी भीड़ देखी गई।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस भव्य आयोजन में अलीगढ़ की सोन-पापड़ी, केसर पेड़ा और दालमोठ भी आकर्षण का केंद्र रहे। इन उत्पादों की गुणवत्ता और स्वाद ने वहां मौजूद लोगों को काफी प्रभावित किया। ट्रेड शो में 80 देशों के उद्यमियों की उपस्थिति ने इन स्थानीय उत्पादों को एक वैश्विक मंच प्रदान किया है।
अलीगढ़ के इन पारंपरिक व्यंजनों की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रदर्शनी के दौरान ही इन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। महज चार दिनों के भीतर अलीगढ़ की मिठाइयों की मांग अमेरिका तक पहुंच गई है और वहां इनकी डिलीवरी भी शुरू कर दी गई है।
यह ट्रेड शो स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों के लिए एक बड़ा अवसर साबित हुआ है। अलीगढ़ के व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मेहमानों द्वारा उनके उत्पादों को पसंद किया जाना उनके लिए गर्व की बात है। इससे न केवल स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि अलीगढ़ की संस्कृति और स्वाद को भी विश्व स्तर पर पहचान मिल रही है।
प्रदर्शनी में आए विदेशी मेहमानों ने भी अलीगढ़ के व्यंजनों की जमकर तारीफ की। कचौड़ी के चटपटे स्वाद से लेकर चमचम की मिठास तक, हर चीज ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस सफलता के बाद अब अलीगढ़ के व्यापारी अपने उत्पादों के निर्यात को लेकर और अधिक उत्साहित हैं।
यह आयोजन न केवल व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने अलीगढ़ के पारंपरिक स्वाद को एक नई ऊंचाई दी है। आने वाले समय में इस तरह के आयोजनों से स्थानीय उत्पादों को और अधिक वैश्विक बाजार मिलने की उम्मीद है।