ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी भीषण आग, यात्रियों ने कूदकर बचाई अपनी जान
ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर आगरा जा रही एक स्लीपर बस में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, यात्रियों ने चलती बस से कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई। पिछले 12 दिनों में राज्य में यह दूसरी ऐसी घटना है, जिसने परिवहन सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग अब इन हादसों के कारणों की गहन जांच में जुट गए हैं।
VIMARSHNAARAD TVउत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा होते-होते टल गया। आगरा की दिशा में जा रही एक स्लीपर बस में अचानक आग भड़क उठी, जिससे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, आग की लपटें देखते ही यात्रियों ने चलती बस से बाहर कूदकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित की। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
यह घटना राज्य में परिवहन सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस का केंद्र बन गई है। पिछले 12 दिनों के भीतर स्लीपर बसों में आग लगने की यह दूसरी घटना है। बार-बार हो रहे इन हादसों ने यात्रियों की सुरक्षा और बसों के रखरखाव के मानकों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। लोग अब यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर इन लंबी दूरी की बसों में अचानक आग लगने का मुख्य कारण क्या है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस में सवार यात्रियों ने समय रहते सतर्कता दिखाई, जिससे एक बड़ी त्रासदी को टाला जा सका। हालांकि, बस पूरी तरह से आग की चपेट में आ गई थी, जिससे वाहन को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग को सूचना मिलते ही राहत कार्य शुरू कर दिया गया, लेकिन तब तक बस का काफी हिस्सा जलकर खाक हो चुका था।
परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि स्लीपर बसों में बिजली के तारों की शॉर्ट सर्किट या इंजन में तकनीकी खराबी आग लगने के प्रमुख कारण हो सकते हैं। बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं के बाद अब प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है कि वह बसों के फिटनेस और सुरक्षा मानकों की कड़ी जांच करे। यात्रियों ने भी मांग की है कि लंबी दूरी की बसों में सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित अधिकारी अब इस मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। बस ऑपरेटरों को भी सख्त निर्देश दिए जाने की संभावना है ताकि वे सुरक्षा मानकों के साथ कोई समझौता न करें। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस दिशा में कड़े कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
फिलहाल, एक्सप्रेसवे पर यातायात को सामान्य कर दिया गया है, लेकिन इस घटना ने यात्रियों के मन में डर पैदा कर दिया है। लोग अब सफर के दौरान अपनी सुरक्षा को लेकर अधिक चिंतित नजर आ रहे हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी और सुरक्षा मानकों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।