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घरेलू जिम्मेदारियों को संभालते हुए शिवानी मेहरोत्रा ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस पर फहराया तिरंगा

उत्तर प्रदेश की शिवानी मेहरोत्रा ने अपनी 18 साल की बेटी की परवरिश और घर की तमाम जिम्मेदारियों के बीच पर्वतारोहण का अपना सपना पूरा किया है। उन्होंने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस पर भारतीय ध्वज फहराकर एक मिसाल कायम की है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, शिवानी ने अपने जुनून और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है।

पर्वतारोहण की दुनिया में शिवानी मेहरोत्रा ने एक नई उपलब्धि दर्ज कराई है। उन्होंने यूरोप की सबसे ऊंची पर्वत श्रृंखला माउंट एल्ब्रस पर तिरंगा फहराकर देश का मान बढ़ाया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, शिवानी के लिए यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था। एक तरफ उनके कंधों पर घर की जिम्मेदारियां थीं, तो दूसरी तरफ 18 साल की बेटी की परवरिश का दायित्व भी उन पर था।

शिवानी ने साबित कर दिया है कि यदि मन में दृढ़ संकल्प हो, तो उम्र और पारिवारिक बाधाएं सफलता के आड़े नहीं आतीं। उन्होंने अपनी दैनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ पहाड़ों के प्रति अपने जुनून को भी जीवित रखा। उनकी यह यात्रा उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को पारिवारिक कर्तव्यों के कारण दबा देती हैं।

माउंट एल्ब्रस की चढ़ाई तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। अत्यधिक ठंड और कठिन रास्तों के बावजूद शिवानी ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी शारीरिक और मानसिक तैयारी पर विशेष ध्यान दिया ताकि वे इस दुर्गम चोटी को फतह कर सकें।

शिवानी का मानना है कि अनुशासन और सही समय प्रबंधन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने अपनी बेटी को भी अपने इस सफर के दौरान प्रेरित किया है। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि एक मां और गृहणी होने के साथ-साथ अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों को पूरा करना संभव है।

पर्वतारोहण के क्षेत्र में शिवानी की यह सफलता न केवल उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह अन्य महिलाओं के लिए भी एक उदाहरण है। उन्होंने यह दिखा दिया है कि विपरीत परिस्थितियों में भी साहस का परिचय देकर ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है।

उनकी इस उपलब्धि पर उनके परिवार और शुभचिंतकों ने गर्व व्यक्त किया है। शिवानी ने अपनी मेहनत से यह सिद्ध किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने कोई भी पर्वत छोटा पड़ सकता है।

आने वाले समय में शिवानी अन्य पर्वतों पर भी चढ़ाई करने की योजना बना रही हैं। उनकी कहानी हमें याद दिलाती है कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए केवल हौसले की जरूरत होती है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।मूल रिपोर्ट देखें ↗