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चिटफंड घोटाला: एसटीएफ के रडार पर श्रीकांत और 20 एजेंट, शशिकांत-सूर्यकांत के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

बरेली और बदायूं में हुए करोड़ों रुपये के चिटफंड घोटाले में जांच का दायरा बढ़ गया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, अब एसटीएफ की नजर मुख्य आरोपी सूर्यकांत और शशिकांत के भाई श्रीकांत तथा 20 अन्य एजेंटों पर है। मामले में शशिकांत और सूर्यकांत के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, जबकि अन्य संदिग्धों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है।

उत्तर प्रदेश के बरेली और बदायूं में सामने आए करोड़ों रुपये के चिटफंड घोटाले में जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। संवाद न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अब उत्तर प्रदेश एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की जांच का दायरा और अधिक विस्तृत हो गया है।

इस मामले में मुख्य आरोपी सूर्यकांत और शशिकांत के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। अब जांच का मुख्य केंद्र उनका भाई श्रीकांत और उनके साथ जुड़े 20 अन्य एजेंट बन गए हैं। एसटीएफ इन सभी की गतिविधियों और घोटाले में उनकी भूमिका की बारीकी से जांच कर रही है।

बरेली और बदायूं में इस चिटफंड कंपनी के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। निवेशकों के करोड़ों रुपये हड़पने के आरोप में यह कंपनी लंबे समय से जांच के घेरे में है। एसटीएफ का मानना है कि श्रीकांत और अन्य एजेंटों की गिरफ्तारी और पूछताछ से घोटाले की परतें और अधिक खुल सकती हैं।

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन एजेंटों ने किस तरह से लोगों को लुभाया और कितनी बड़ी राशि का गबन किया गया। श्रीकांत की भूमिका को लेकर भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।

स्थानीय स्तर पर इस घोटाले ने कई परिवारों को आर्थिक संकट में डाल दिया है। निवेशकों को उम्मीद है कि एसटीएफ की इस कार्रवाई से उन्हें न्याय मिलेगा और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।

एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि जांच किसी भी स्तर पर ढीली नहीं छोड़ी जाएगी। जो भी व्यक्ति इस घोटाले में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, श्रीकांत और 20 एजेंटों की तलाश और उनके खिलाफ सबूत जुटाने का काम जारी है।

यह मामला राज्य में चिटफंड कंपनियों द्वारा की जाने वाली धोखाधड़ी का एक बड़ा उदाहरण है। प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले पूरी सावधानी बरतें।

स्रोत

मूल संदर्भ

01संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली/बदायूंमूल रिपोर्ट देखें ↗