चिराग पासवान का बिहार सरकार पर तीखा हमला, प्रशासन को बताया 'निकम्मा' और खुद को जताया शर्मिंदा
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार की वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने राज्य प्रशासन को 'निकम्मा' करार दिया है और कहा है कि उन्हें इस सरकार का समर्थन करने पर शर्मिंदगी महसूस होती है। चिराग ने राज्य में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की स्थिति पर अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की है।
VIMARSHNAARAD TVकेंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार की मौजूदा सरकार के खिलाफ कड़े तेवर अपनाते हुए तीखी टिप्पणी की है। बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने राज्य के प्रशासन को 'निकम्मा' बताते हुए कहा कि सरकार बिहार के लोगों को सुरक्षा प्रदान करने में पूरी तरह विफल रही है। चिराग के इस बयान ने राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।
चिराग पासवान ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें इस बात पर शर्म आती है कि वह ऐसी सरकार का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में जिस तरह की प्रशासनिक स्थिति बनी हुई है, वह चिंताजनक है। उनके अनुसार, सरकार का कामकाज लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के मानकों पर खरा नहीं उतर रहा है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। चिराग पासवान का यह रुख उनके गठबंधन सहयोगियों के लिए भी एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। उन्होंने प्रशासन की अक्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के बस में बिहार के लोगों को सुरक्षित रखना नहीं है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चिराग पासवान के इस बयान के पीछे कई राजनीतिक मायने हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर यह नहीं बताया कि वह इस बयान के जरिए क्या हासिल करना चाहते हैं, लेकिन उनकी नाराजगी साफ तौर पर देखी जा सकती है। उन्होंने राज्य की बदहाल स्थिति के लिए सीधे तौर पर प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।
चिराग पासवान के इस हमले के बाद बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और उनके सहयोगी दल इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। फिलहाल, चिराग के इस बयान ने राज्य में सुरक्षा और प्रशासन के मुद्दों को फिर से केंद्र में ला दिया है।
बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, चिराग पासवान का यह बयान उनकी पार्टी और सरकार के बीच के संबंधों में तनाव को भी दर्शाता है। उन्होंने जिस तरह से सार्वजनिक रूप से अपनी शर्मिंदगी जाहिर की है, वह राज्य सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और अधिक राजनीतिक बयानबाजी होने की संभावना है।