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चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन, राहुल और प्रियंका गांधी धरने पर बैठे

6 अक्टूबर 2026 को INDIA ब्लॉक के 140 से अधिक सांसदों ने संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च निकाला। चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध जताते हुए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेता धरने पर बैठ गए।

6 अक्टूबर 2026 को देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला। INDIA ब्लॉक के 140 से अधिक विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से निर्वाचन सदन तक एक विरोध मार्च निकाला। यह मार्च चुनाव आयोग और एसआईआर (SIR) के खिलाफ अपनी नाराजगी दर्ज कराने के लिए आयोजित किया गया था।

प्रदर्शनकारी सांसदों ने जब निर्वाचन सदन की ओर बढ़ने का प्रयास किया, तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस द्वारा की गई बैरिकेडिंग के कारण मार्च आगे नहीं बढ़ सका। इस स्थिति के बाद, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव सहित कई प्रमुख विपक्षी नेता वहीं धरने पर बैठ गए।

विपक्षी नेताओं का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली निष्पक्ष नहीं है। वे अपनी मांगों को लेकर मुखर थे और उन्होंने निर्वाचन सदन के बाहर अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। इस दौरान बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए थे ताकि स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके।

इस मार्च में शामिल सांसदों ने सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि लोकतंत्र में संस्थाओं की स्वतंत्रता बनाए रखना अनिवार्य है। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

धरने पर बैठे नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया जाता, तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखी बयानबाजी की संभावना बढ़ गई है।

पुलिस और प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन विपक्षी सांसद अपनी मांगों पर अड़े रहे। निर्वाचन सदन के बाहर का इलाका काफी देर तक गहमागहमी का केंद्र बना रहा।

यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब देश में राजनीतिक माहौल काफी सक्रिय है। विपक्षी गठबंधन ने एकजुट होकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और अधिक राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आने की उम्मीद है।

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