चेन्नई में रोजगार मेले को संबोधित करते हुए डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने युवाओं को जनसेवा का मंत्र दिया
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने चेन्नई में 20वें रोजगार मेले में 51,000 से अधिक नवनियुक्त सरकारी कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं से सत्यनिष्ठा और नवाचार के साथ काम करने का आह्वान किया। इस राष्ट्रव्यापी पहल के तहत अब तक लगभग 12.75 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र मिल चुके हैं। मंत्री ने 2014 के बाद से भारत में बुनियादी ढांचे और डिजिटल क्षेत्र में आए बड़े बदलावों पर भी प्रकाश डाला।

चेन्नई में आयोजित 20वें रोजगार मेले के दौरान केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने नवनियुक्त सरकारी कर्मचारियों का स्वागत किया। उन्होंने इस अवसर को युवाओं और उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के माध्यम से देशभर में 51,000 से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए, जिससे इस पहल के तहत कुल नियुक्तियों की संख्या लगभग 12.75 लाख तक पहुंच गई है।
अपने संबोधन में डॉ. पेम्मासानी ने सरकारी सेवा में प्रवेश करने वाले युवाओं को सत्यनिष्ठा, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि एक सरकारी कर्मचारी के लिए फाइल का काम केवल प्रशासनिक प्रक्रिया हो सकती है, लेकिन आम नागरिक के लिए यह उनके जीवन का एक अहम हिस्सा होता है। उन्होंने कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे केवल पुरानी परंपराओं का पालन न करें, बल्कि तथ्यों को समझें और विवेकपूर्ण निर्णय लें।
मंत्री ने अपनी व्यक्तिगत यात्रा का उदाहरण देते हुए युवाओं को निरंतर सीखने और नई चुनौतियों के प्रति खुले रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग संस्कृतियों और परिवेश में काम करने से आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने डिजिटल उपकरणों और एआई का उपयोग करके नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी समाधान खोजने पर जोर दिया।
डॉ. पेम्मासानी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2014 के बाद से देश में हुए बदलावों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि मोबाइल विनिर्माण इकाइयां दो से बढ़कर 300 तक पहुंच गई हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार, रेलवे के विद्युतीकरण और वंदे भारत ट्रेनों के माध्यम से कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है।
रक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि भारत का रक्षा निर्यात 2013-14 के 600 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में लगभग 30,000 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रगति भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रमाण है।
युवाओं को भविष्य के लिए मार्गदर्शन देते हुए मंत्री ने तीन बातों को याद रखने को कहा: नागरिक, उनका परिवार और उनका अपना युवा रूप। उन्होंने कहा कि ये सिद्धांत उन्हें जनसेवा के प्रति समर्पित रहने में मदद करेंगे।
अंत में, उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए निरंतर आत्ममंथन करने का आग्रह किया। उन्होंने सभी को उनके उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए शुभकामनाएं दीं।
