जमुई यौन हिंसा वीडियो साझा करने वालों पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, 120 अकाउंट्स के खिलाफ मामला दर्ज
जमुई पुलिस ने चेतावनी दी है कि यौन हिंसा से जुड़े वायरल वीडियो को सोशल मीडिया पर फैलाना कानूनी अपराध है। पुलिस ने ऐसे वीडियो साझा करने वाले 120 सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। अधिकारियों के अनुसार, यह कृत्य पॉक्सो एक्ट, आईटी एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करता है, जिसके लिए सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
VIMARSHNAARAD TVजमुई में हाल ही में सामने आए यौन हिंसा के एक वीडियो के वायरल होने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की संवेदनशील सामग्री को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करना न केवल अनैतिक है, बल्कि यह कानूनन एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
पुलिस विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस मामले में संलिप्त पाए गए 120 सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बताया कि इन उपयोगकर्ताओं ने वीडियो को प्रसारित करके कानून का उल्लंघन किया है।
कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह के वीडियो को शेयर करना पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत दंडनीय है। इसके अलावा, आईटी एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत भी पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक या यौन हिंसा से जुड़े वीडियो को सोशल मीडिया पर फॉरवर्ड करने से बचें। पुलिस का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस तरह की सामग्री फैलाना समाज में असुरक्षा की भावना पैदा करता है।
पुलिस की यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक चेतावनी है जो बिना सोचे-समझे संवेदनशील वीडियो को वायरल करते हैं। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में भी सोशल मीडिया पर निगरानी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है और वे उन सभी अकाउंट्स की पहचान कर रहे हैं जिन्होंने इस वीडियो को बढ़ावा दिया है। प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे कानून का पालन करें और किसी भी प्रकार की भ्रामक या संवेदनशील सामग्री को साझा करने से बचें।