जीडीपी के आंकड़ों पर अखिलेश यादव का तंज, बोले- जमीन पर नहीं दिख रहा कोई बदलाव
औरैया के बिधूना पहुंचे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जीडीपी वृद्धि के सरकारी दावों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विकास का असली पैमाना महंगाई, बेरोजगारी और आम लोगों की सुविधाएं हैं। अखिलेश ने सवाल उठाया कि यदि जमीन पर कोई बदलाव नहीं दिख रहा, तो क्या जीडीपी का आंकड़ा शून्य है।
VIMARSHNAARAD TVसमाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने औरैया के बिधूना में एक कार्यक्रम के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने देश की जीडीपी वृद्धि दर के दावों को लेकर सरकार को घेरा और इसे जमीनी हकीकत से दूर बताया।
अखिलेश यादव ने कहा कि जीडीपी के आंकड़ों में बढ़ोतरी का दावा करना आसान है, लेकिन विकास की वास्तविक तस्वीर जनता की समस्याओं से जुड़ी होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की प्रगति का सही आकलन महंगाई, बेरोजगारी और आम नागरिकों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं के आधार पर किया जाना चाहिए।
सपा प्रमुख ने महंगाई और बेरोजगारी को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब तक आम आदमी की जेब पर बोझ कम नहीं होता और युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिलते, तब तक जीडीपी के आंकड़े केवल कागजी साबित होते हैं।
अपने संबोधन के दौरान अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए पूछा कि यदि जमीन पर कोई सकारात्मक बदलाव नहीं दिख रहा है, तो क्या जीडीपी का आंकड़ा वास्तव में शून्य है। उन्होंने सरकार से विकास के दावों को धरातल पर उतारने की मांग की।
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को उन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए जो सीधे तौर पर जनता के जीवन को प्रभावित करते हैं। उन्होंने कानून-व्यवस्था और रोजमर्रा की सुविधाओं के मोर्चे पर भी सरकार की आलोचना की।
सपा अध्यक्ष का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष लगातार सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर हमलावर है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे सरकार के दावों और हकीकत के बीच के अंतर को समझें।
अखिलेश यादव के इस दौरे और उनके बयानों ने स्थानीय राजनीति में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि जनता अब विकास के खोखले दावों से गुमराह होने वाली नहीं है।