जीवन की अंतिम सांस तक लोगों को टीका लगाता रहूंगा: उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का संकल्प
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज में एक कार्यक्रम के दौरान विपक्ष की आलोचनाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पहले भी लोगों को टीका लगाते थे और आगे भी जीवन के अंत तक यह सेवा जारी रखेंगे। मौर्य नॉर्दर्न रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी में आयोजित एक समारोह में शामिल होने पहुंचे थे, जहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अपने सेवा भाव को लेकर बड़ी बात कही है। वे यहां नॉर्दर्न रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी में ऑफसेट प्रिंटर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए विपक्ष द्वारा की जा रही टिप्पणियों पर अपनी राय रखी।
उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन और बातचीत में स्पष्ट किया कि वे जनसेवा के कार्यों में हमेशा सक्रिय रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे अतीत में भी लोगों को टीका लगाने का कार्य करते थे और वर्तमान में भी यह जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने दृढ़ता के साथ दोहराया कि वे अपने जीवन की अंतिम सांस तक लोगों को टीका लगाने का कार्य जारी रखेंगे।
केशव प्रसाद मौर्य ने यह टिप्पणी विपक्ष के उन बयानों के जवाब में दी, जिनमें अक्सर उनके कार्यों और कार्यशैली पर सवाल उठाए जाते हैं। उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार की राजनीतिक आलोचना से विचलित हुए बिना अपनी सेवा जारी रखने के लिए संकल्पित हैं।
अमर उजाला नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, उपमुख्यमंत्री का यह बयान उनके समर्थकों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों और एसोसिएशन के प्रयासों की भी सराहना की।
यह कार्यक्रम तकनीकी शिक्षा और उद्योग के समन्वय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। उपमुख्यमंत्री ने वहां मौजूद छात्रों और उद्यमियों को संबोधित करते हुए राज्य के विकास में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
मौर्य ने कहा कि सरकार हर क्षेत्र में युवाओं को अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रिंटिंग उद्योग से जुड़े लोगों की समस्याओं को सुनने का आश्वासन भी दिया।
अंत में, उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि उनका लक्ष्य केवल जनसेवा है। उन्होंने कहा कि वे राजनीति के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंच सके।
