झारखंड के गढ़वा में स्कूल शिक्षक का स्थानांतरण रोकने के लिए सड़कों पर उतरे छात्र और अभिभावक
झारखंड के गढ़वा जिले में एक स्कूल के प्रभारी प्रिंसिपल मलय सिंह के तबादले के विरोध में छात्र और उनके अभिभावक सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि मलय सिंह का डेप्युटेशन रद्द किया जाए और उन्हें स्कूल में ही रहने दिया जाए। इस विरोध प्रदर्शन के कारण स्थानीय स्तर पर स्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है।
VIMARSHNAARAD TVझारखंड के गढ़वा जिले में एक सरकारी स्कूल के प्रभारी प्रिंसिपल मलय सिंह के स्थानांतरण को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है। बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, स्कूल के छात्र और उनके अभिभावक मलय सिंह के तबादले के आदेश का कड़ा विरोध कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि मलय सिंह का डेप्युटेशन पर जाना स्कूल के शैक्षणिक वातावरण के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन इस आदेश को तुरंत प्रभाव से रद्द करे ताकि मलय सिंह अपनी सेवाएं स्कूल में जारी रख सकें।
विरोध के चलते बड़ी संख्या में छात्र स्कूल के बाहर जमा हुए और उन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त करने के लिए सड़कों का रुख किया। अभिभावकों ने भी बच्चों का समर्थन करते हुए कहा कि मलय सिंह के नेतृत्व में स्कूल में सुधार हो रहा था, इसलिए उनका जाना छात्रों के भविष्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि मलय सिंह की कार्यशैली से स्कूल की व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आए थे। इसी कारण से छात्र और उनके परिवार वाले उनके स्थानांतरण को रोकने के लिए दबाव बना रहे हैं।
इस मामले को लेकर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, वे अपना विरोध जारी रखेंगे।
गढ़वा जिले के इस स्कूल में मलय सिंह प्रभारी प्रिंसिपल के रूप में कार्यरत थे। डेप्युटेशन के आदेश के बाद से ही स्कूल परिसर में तनाव की स्थिति बनी हुई थी, जो बाद में सड़कों पर विरोध प्रदर्शन के रूप में सामने आई।
यह घटना दर्शाती है कि किस प्रकार एक शिक्षक का अपने छात्रों और अभिभावकों के साथ जुड़ाव गहरा हो सकता है। फिलहाल, स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर इस मामले को सुलझाने का दबाव बढ़ गया है।