ट्रोलिंग का दोहरा मापदंड: फैसले कपल के, लेकिन निशाने पर सिर्फ अभिनेत्रियां क्यों?
बॉलीवुड में सेलिब्रिटी कपल्स के फैसलों पर अक्सर अभिनेत्रियों को ही ट्रोलिंग का सामना करना पड़ता है। चाहे विक्की-कटरीना हों या विराट-अनुष्का, किसी भी निर्णय के लिए अक्सर अभिनेत्रियों को ही निशाना बनाया जाता है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, यह एक चिंताजनक ट्रेंड है जहां कपल मिलकर फैसला लेते हैं, लेकिन आलोचना का भार केवल महिला कलाकार को उठाना पड़ता है।
बॉलीवुड में सोशल मीडिया के दौर में अभिनेत्रियां लगातार ट्रोलिंग का शिकार हो रही हैं। एक हालिया चर्चा के अनुसार, जब भी कोई सेलिब्रिटी कपल किसी महत्वपूर्ण निर्णय को सार्वजनिक करता है, तो सोशल मीडिया पर नकारात्मक प्रतिक्रियाओं का केंद्र अक्सर अभिनेत्री ही होती हैं।
अमर उजाला की एंटरटेनमेंट डेस्क की रिपोर्ट में इस बात पर सवाल उठाया गया है कि आखिर ऐसा दोहरा मापदंड क्यों अपनाया जाता है। विक्की कौशल-कटरीना कैफ, विराट कोहली-अनुष्का शर्मा और कियारा आडवाणी-सिद्धार्थ मल्होत्रा जैसे कई पावर कपल्स के उदाहरण सामने हैं, जहां किसी भी विवाद या निर्णय पर ट्रोलिंग का सबसे ज्यादा असर अभिनेत्रियों पर देखा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समाज की पितृसत्तात्मक सोच का ही एक हिस्सा है, जहां एक महिला को उसके निजी और पेशेवर फैसलों के लिए अधिक जवाबदेह ठहराया जाता है। जबकि ये निर्णय पूरी तरह से आपसी सहमति से लिए जाते हैं, फिर भी आलोचना का रुख केवल महिला की ओर मुड़ जाता है।
ट्रोलिंग का यह ट्रेंड न केवल मानसिक रूप से परेशान करने वाला है, बल्कि यह सेलिब्रिटी कपल्स की निजता पर भी हमला है। अभिनेत्रियां अक्सर इस तरह की नकारात्मकता को नजरअंदाज करने की कोशिश करती हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर होने वाली यह निरंतर आलोचना उनके करियर और व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित कर सकती है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि प्रशंसकों को यह समझने की आवश्यकता है कि एक कपल के रूप में लिए गए निर्णयों में दोनों की बराबर की भागीदारी होती है। किसी एक व्यक्ति को निशाना बनाना न केवल अनुचित है, बल्कि यह ऑनलाइन व्यवहार की संवेदनहीनता को भी दर्शाता है।
बॉलीवुड के गलियारों में इस विषय पर बहस छिड़ी हुई है कि क्या अभिनेत्रियों को ही सॉफ्ट टारगेट माना जाता है। कई सितारे समय-समय पर इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं, लेकिन ट्रोलिंग का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
अंततः, यह एक व्यापक सामाजिक मुद्दे की ओर इशारा करता है। जब तक ऑनलाइन व्यवहार में सुधार नहीं आता, तब तक अभिनेत्रियों को इस तरह की अनुचित ट्रोलिंग का सामना करना पड़ सकता है।
