डिब्रूगढ़ से पहली अंतरराष्ट्रीय मालवाहक यात्रा का शुभारंभ, ब्रह्मपुत्र के रास्ते ढाका पहुंचेगा मेथनॉल
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल 5 अक्टूबर को डिब्रूगढ़ से पहली अंतरराष्ट्रीय मालवाहक यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे। असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड द्वारा उत्पादित मेथनॉल को ब्रह्मपुत्र नदी और भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल मार्ग के जरिए ढाका भेजा जाएगा। यह पहल पूर्वोत्तर में जलमार्ग परिवहन को बढ़ावा देने और ऐतिहासिक व्यापारिक संबंधों को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
VIMARSHNAARAD TVकेंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल 5 अक्टूबर 2026 को असम के डिब्रूगढ़ स्थित बोगीबील टर्मिनल से एक ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय मालवाहक यात्रा का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा वर्चुअल माध्यम से मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह यात्रा स्वतंत्रता के बाद असम के नदी व्यापार में एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।
इस विशेष खेप में असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया मेथनॉल शामिल है, जिसे राष्ट्रीय जलमार्ग-2 यानी ब्रह्मपुत्र नदी और भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल मार्ग के माध्यम से बांग्लादेश के पनगांव बंदरगाह तक पहुंचाया जाएगा। यह पहली बार है जब डिब्रूगढ़ से किसी विदेशी बंदरगाह के लिए जलमार्ग के जरिए माल की ढुलाई की जा रही है।
ऐतिहासिक रूप से, ब्रह्मपुत्र नदी ऊपरी असम को वैश्विक बाजारों से जोड़ने का प्रमुख माध्यम रही है और डिब्रूगढ़ एक महत्वपूर्ण नदी बंदरगाह हुआ करता था। इस नई पहल का उद्देश्य उसी पुराने संपर्क को फिर से स्थापित करना है। सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र में परिवहन के लिए अंतर्देशीय जलमार्गों को एक किफायती, पर्यावरण के अनुकूल और कुशल विकल्प के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है।
समारोह में राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री, जिनमें परिवहन मंत्री चरण बोरो, श्रम कल्याण मंत्री रामेश्वर तेली और उद्योग मंत्री बिमल बोरा शामिल हैं, विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। इसके अलावा, क्षेत्र के कई सांसद और विधायक भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष सुशील कुमार लोहानी और एपीसीएल के अध्यक्ष बिकुल चंद्र डेका भी कार्यक्रम में भाग लेंगे।
यह आयोजन पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय तथा भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा असम सरकार और एपीसीएल के सहयोग से किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक क्षण का सीधा प्रसारण प्राधिकरण के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर देखा जा सकेगा। संबंधित जानकारी और अपडेट्स को मंत्रालय और प्राधिकरण के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी साझा किया जाएगा।