डीआरआई ने दो अभियानों में 18 किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थ जब्त किए, चार लोग गिरफ्तार
डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने बेंगलुरु और पुणे में दो अलग-अलग खुफिया अभियानों के दौरान 18 किलोग्राम से अधिक एम्फ़ैटेमिन और एमडीएमए जब्त किया है। इस कार्रवाई में चार लोगों को एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है। पिछले दो सप्ताह में डीआरआई ने कुल 150 किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थों को पकड़ा है, जो सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ उनकी कड़ी कार्रवाई को दर्शाता है।
VIMARSHNAARAD TVडायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने देश में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पीआईबी की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, 25 अगस्त 2026 को दो अलग-अलग खुफिया अभियानों में डीआरआई ने 18 किलोग्राम से अधिक प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किए हैं।
बेंगलुरु रेलवे स्टेशन पर एक महिला यात्री के पास से 14.9 किलोग्राम एम्फ़ैटेमिन बरामद किया गया। यह महिला नई दिल्ली से ट्रेन द्वारा यात्रा कर रही थी। इस मामले में डीआरआई ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित सामान लेने आए दो अन्य व्यक्तियों को भी पकड़ा, जिसके बाद कुल तीन लोगों को एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया।
उसी दिन, पुणे जंक्शन पर एक अन्य खुफिया अभियान में, डीआरआई ने एक महिला यात्री को रोका। उसके पास से 2.53 किलोग्राम एम्फ़ैटेमिन और 878 ग्राम एमडीएमए टैबलेट बरामद किए गए। इस मामले में भी संबंधित यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया है।
यह कार्रवाई डीआरआई द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। पिछले दो सप्ताह के भीतर, एजेंसी ने पांच अलग-अलग अभियानों में लगभग 150 किलोग्राम एम्फ़ैटेमिन-टाइप स्टिमुलेंट (एटीएस) जब्त किए हैं।
इन अभियानों में उत्तर-पूर्वी सीमा पर 76 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन टैबलेट की बरामदगी और सऊदी अरब भेजे जा रहे मक्का के निर्यात में छिपाकर रखे गए 55.86 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन का भंडाफोड़ भी शामिल है।
डीआरआई के अधिकारी देश भर में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार खुफिया जानकारी जुटाकर कार्रवाई कर रहे हैं। इन बरामदगियों से तस्करों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
गिरफ्तार किए गए सभी चार व्यक्तियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है। डीआरआई ने स्पष्ट किया है कि सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ उनकी यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी।