डीआरआई ने न्हावा शेवा बंदरगाह पर 3 करोड़ रुपये के अवैध पटाखे जब्त किए, एक व्यक्ति गिरफ्तार
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने न्हावा शेवा बंदरगाह पर 10,000 किलोग्राम अवैध पटाखे जब्त किए हैं, जिनकी कीमत 3 करोड़ रुपये है। ये पटाखे बोतलों और वॉलपेपर की आड़ में छिपाकर लाए गए थे। इस मामले में गिरोह के एक मुख्य सदस्य को सीमा शुल्क अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है।

राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने न्हावा शेवा बंदरगाह पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से आयातित पटाखों की एक खेप पकड़ी है। खुफिया जानकारी के आधार पर की गई इस छापेमारी में लगभग 10,000 किलोग्राम वजन के पटाखे बरामद किए गए। बाजार में इन पटाखों की अनुमानित कीमत 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कंटेनर में ऊपर की ओर कुछ बोतलों और वॉलपेपर का सामान रखा गया था, ताकि पटाखों को छिपाया जा सके। हालांकि, गहन तलाशी में कंटेनर के भीतर भारी मात्रा में 288 गैटलिंग पटाखे पाए गए। घोषित माल की केवल शुरुआती कुछ पंक्तियों के पीछे ही प्रतिबंधित सामग्री भरी गई थी।
सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत इन पटाखों और कवर कार्गो को जब्त कर लिया गया है। भारत में विदेशी व्यापार नीति के तहत पटाखों का आयात प्रतिबंधित है। इनके आयात के लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) से वैध अनुमति और विस्फोटक नियमों के तहत लाइसेंस की आवश्यकता होती है।
इस मामले में डीआरआई ने गिरोह के एक प्रमुख सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर इस अवैध खेप को गुप्त रूप से बंदरगाह से निकालने की योजना बनाने का आरोप है। उसे सीमा शुल्क अधिनियम के अंतर्गत हिरासत में लिया गया है और आगे की पूछताछ जारी है।
यह कार्रवाई वाणिज्यिक चैनलों के माध्यम से प्रतिबंधित वस्तुओं की गलत घोषणा कर आयात करने वाले गिरोहों पर डीआरआई की कड़ी निगरानी को दर्शाती है। विभाग लगातार ऐसे प्रयासों को विफल करने के लिए सक्रिय है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों और कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले किसी भी आयात को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
यह बरामदगी न केवल अवैध व्यापार पर प्रहार है, बल्कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बिना लाइसेंस के पटाखों का भंडारण और परिवहन खतरनाक हो सकता है।
