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डीपीएल 2026: फिक्सिंग की पेशकश मिलने पर खिलाड़ी ने एसीयू को किया सतर्क, डीडीसीए ने बीसीसीआई को दी जानकारी

दिल्ली प्रीमियर लीग (डीपीएल) 2026 के दौरान सेंट्रल दिल्ली के विकेटकीपर-बल्लेबाज वंश बेदी को मैच फिक्सिंग से जुड़ी एक संदिग्ध पेशकश मिली। खिलाड़ी ने तुरंत इसकी सूचना भ्रष्टाचार निरोधक इकाई (एसीयू) को दी। इसके बाद डीडीसीए ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बीसीसीआई को सूचित कर दिया है।

दिल्ली प्रीमियर लीग (डीपीएल) 2026 में भ्रष्टाचार के एक संभावित प्रयास का मामला सामने आया है। सेंट्रल दिल्ली टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज वंश बेदी को मैच फिक्सिंग के लिए संपर्क किया गया था। खिलाड़ी ने इस संदिग्ध पेशकश को स्वीकार करने के बजाय तुरंत सतर्कता दिखाई और इसकी जानकारी भ्रष्टाचार निरोधक इकाई (एसीयू) को दी।

अमर उजाला की स्पोर्ट्स डेस्क के अनुसार, वंश बेदी, जो पहले चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के साथ भी जुड़े रहे हैं, ने प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अधिकारियों को इस बारे में सूचित किया। खिलाड़ी की इस तत्परता की सराहना की जा रही है क्योंकि उन्होंने खेल की शुचिता बनाए रखने में अपना योगदान दिया है।

इस मामले की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) ने तुरंत कार्रवाई की। डीडीसीए ने इस घटना के बारे में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को आधिकारिक रूप से अवगत करा दिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिक्सिंग की यह पेशकश लीग के दौरान हुई थी। एसीयू अब इस मामले की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पेशकश के पीछे कौन था और क्या अन्य खिलाड़ी भी इसके निशाने पर थे।

क्रिकेट में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए बीसीसीआई और एसीयू के कड़े नियम हैं। खिलाड़ियों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, और वंश बेदी ने इसी प्रक्रिया का पालन किया है।

फिलहाल, इस मामले में किसी की गिरफ्तारी या विस्तृत विवरण का खुलासा नहीं किया गया है। जांच एजेंसियां मामले की तह तक जाने के लिए सबूत जुटा रही हैं।

यह घटना खेल जगत में एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है, जहां लीग के दौरान खिलाड़ियों की सुरक्षा और ईमानदारी सुनिश्चित करना आयोजकों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दिल्लीमूल रिपोर्ट देखें ↗