डॉक्टरों के परिवार से आने वाले केतन अशोक इंगोले बने IPS, पहली पोस्टिंग में ही सुलझाया बड़ा अपहरण कांड
महाराष्ट्र के एक चिकित्सक परिवार से ताल्लुक रखने वाले केतन अशोक इंगोले ने एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की। बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी के रूप में अपनी पहली फील्ड पोस्टिंग के दौरान, उन्होंने रजौली में महज 15 घंटे के भीतर एक अपहरण के मामले को सुलझाकर पीड़ित को सुरक्षित बरामद किया।
VIMARSHNAARAD TVमहाराष्ट्र के एक डॉक्टर परिवार में पले-बढ़े केतन अशोक इंगोले ने चिकित्सा क्षेत्र से हटकर प्रशासनिक सेवा में जाने का साहसिक निर्णय लिया। एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने यूपीएससी की कठिन परीक्षा पास की और आईपीएस अधिकारी के रूप में अपना करियर चुना।
केतन की पहली फील्ड पोस्टिंग बिहार के रजौली में एसडीपीओ के पद पर हुई। अपनी नियुक्ति के तुरंत बाद ही उन्होंने अपनी कार्यक्षमता का परिचय दिया। रजौली में एक अपहरण की घटना सामने आई, जिसने स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मचा दिया था।
एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, केतन ने इस चुनौती को स्वीकार किया और मामले की जांच में जुट गए। उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर बेहद तत्परता से काम किया और मात्र 15 घंटे के भीतर इस अपहरण कांड का खुलासा कर दिया।
इस त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप, अपहृत व्यक्ति को सुरक्षित रूप से छुड़ा लिया गया। केतन की इस सफलता ने न केवल स्थानीय लोगों का भरोसा जीता, बल्कि पुलिस विभाग में भी उनकी कार्यशैली की सराहना की गई।
एक डॉक्टर से आईपीएस अधिकारी बनने तक का उनका सफर प्रेरणादायक है। चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा करने के बजाय, उन्होंने कानून व्यवस्था बनाए रखने और समाज की सुरक्षा के लिए पुलिस बल में शामिल होने का मार्ग चुना।
उनकी यह उपलब्धि साबित करती है कि यदि दृढ़ संकल्प और सही दिशा में प्रयास किया जाए, तो किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त की जा सकती है। रजौली में उनकी पहली फील्ड पोस्टिंग ने उनके करियर की एक शानदार शुरुआत की है।
केतन अशोक इंगोले की यह कहानी उन युवाओं के लिए एक मिसाल है जो विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। उनकी सफलता ने यह भी दिखाया है कि पुलिस बल में युवा और शिक्षित अधिकारियों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है।