तंजानिया में 153वीं अंतर-संसदीय संघ सभा में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न सत्रों में सक्रिय भागीदारी निभाई
राज्यसभा उपसभापति हरिवंश के नेतृत्व में भारतीय संसदीय दल तंजानिया के अरुशा में 153वीं आईपीयू सभा में भाग ले रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य, भू-राजनीति और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की और विभिन्न देशों के अध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश की अगुवाई में एक भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल तंजानिया के अरुशा में आयोजित 153वीं अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) सभा में हिस्सा ले रहा है। इस सभा का औपचारिक उद्घाटन तंजानिया की राष्ट्रपति डॉ. सामिया सुलुहू हसन द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह में भारतीय दल के कई वरिष्ठ सदस्यों ने उपस्थिति दर्ज कराई और तंजानिया के विदेश मंत्री सहित अन्य मंत्रियों के साथ संवाद किया।
सभा के पहले दिन, 5 अक्टूबर 2026 को भारतीय सांसदों ने विभिन्न समितियों और मंचों पर भारत का पक्ष रखा। लोकसभा सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने स्वास्थ्य संबंधी समिति के सत्रों में भाग लिया। वहीं, एशिया-प्रशांत भू-राजनीतिक समूह की बैठकों में श्रीमती अपराजिता सारंगी ने आईपीयू की कार्यकारी समिति की हालिया गतिविधियों और पहलों के बारे में जानकारी साझा की।
महिला सांसदों के मंच पर भी भारतीय प्रतिनिधित्व सक्रिय रहा। श्रीमती कमलजीत सहरावत ने दिव्यांगजनों के अधिकारों और उनके सशक्तिकरण के लिए संसदीय रणनीतियों पर चर्चा की। इसके अतिरिक्त, श्रीमती बिजुली कलिता मेधी ने महिला नेतृत्व के विषय पर आयोजित सत्र में अपने विचार रखे।
आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के खिलाफ वैश्विक प्रयासों के तहत, श्रीमती लता वानखेड़े ने आईपीयू के उच्च स्तरीय परामर्शदाता समूह की बोर्ड बैठक में भाग लिया। साथ ही, डॉ. सस्मित पात्रा ने एशियाई संसदीय सभा की बैठक में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रतिनिधिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से द्विपक्षीय वार्ताएं भी कीं। उपसभापति हरिवंश ने ऑस्ट्रेलिया की प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष मिल्टन डिक और तंजानिया की संसद के अध्यक्ष मूसा अज़ान ज़ुंगु के साथ मुलाकात की। इन बैठकों में पारस्परिक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
यह सभा वैश्विक संसदीय संवाद के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है, जहाँ भारत अपने दृष्टिकोण को साझा कर रहा है। प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों में श्री अनुराग सिंह ठाकुर और श्री एनके प्रेमचंद्रन भी शामिल हैं, जो विभिन्न सत्रों में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।
