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तिहाड़ जेल में बंद सात विदेशी नागरिकों को भारत छोड़ने की अनुमति पर उठे सवाल

म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामले में गिरफ्तार सात विदेशी नागरिकों को भारत से जाने की अनुमति मिलने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, एनआईए की विशेष अदालत ने पहले इन लोगों को डिफ़ॉल्ट बेल दी थी, जिसके बाद अब उन्हें अपने देश लौटने की इजाजत दे दी गई है। इनमें एक अमेरिकी और छह यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं।

तिहाड़ जेल में बंद सात विदेशी नागरिकों को भारत से बाहर जाने की अनुमति दिए जाने का मामला चर्चा में है। इन लोगों पर कथित म्यांमार ट्रेनिंग कैंप से जुड़े होने का आरोप था, जिसके चलते उन्हें गिरफ्तार किया गया था। बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक, अब इन नागरिकों को अपने देश लौटने की कानूनी अनुमति मिल गई है।

इस समूह में एक अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। इन सभी को एनआईए की विशेष अदालत ने पहले ही डिफ़ॉल्ट बेल प्रदान की थी। डिफ़ॉल्ट बेल मिलने के बाद अब अदालत ने उन्हें भारत छोड़ने की अनुमति भी दे दी है, जिससे कानूनी हलकों में कई सवाल उठ रहे हैं।

मामला कथित म्यांमार ट्रेनिंग कैंप से जुड़ा है, जिसे लेकर सुरक्षा एजेंसियां काफी सतर्क रही थीं। इन विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद से ही यह मामला सुर्खियों में था। अदालत के इस हालिया फैसले ने सुरक्षा और न्यायिक प्रक्रियाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में विदेशी नागरिकों को देश छोड़ने की अनुमति देना एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम है। हालांकि, इस फैसले के पीछे के कारणों और शर्तों को लेकर सार्वजनिक रूप से अधिक स्पष्टता की मांग की जा रही है।

एनआईए की विशेष अदालत ने किन परिस्थितियों में यह अनुमति दी, यह अभी भी जांच का विषय है। रिपोर्टों के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया के तहत ही इन नागरिकों को राहत दी गई है।

यह घटनाक्रम भारत की सुरक्षा नीतियों और विदेशी नागरिकों से जुड़े कानूनी मामलों के प्रबंधन पर भी सवाल खड़े करता है। म्यांमार ट्रेनिंग कैंप का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी काफी संवेदनशील माना जाता है।

फिलहाल, इन सात नागरिकों के अपने देश लौटने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। इस मामले पर आगे की कानूनी कार्रवाई और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

स्रोत

मूल संदर्भ

01BBC News हिंदीमूल रिपोर्ट देखें ↗