तेलंगाना में किसानों की बिजली और सिंचाई समस्या को लेकर के टी रामा राव ने सरकार को घेरा
बीआरएस नेता केटी रामा राव ने तेलंगाना सरकार पर किसानों को पर्याप्त बिजली न देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के दावों के विपरीत, किसानों को दिन में बमुश्किल पांच से छह घंटे ही बिजली मिल पा रही है। रामा राव ने सिंचाई व्यवस्था की बदहाली पर भी सवाल उठाए हैं, जिससे राज्य में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
VIMARSHNAARAD TVतेलंगाना में किसानों की दुर्दशा और कृषि संबंधी बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर बीआरएस नेता केटी रामा राव ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की सरकार पर तीखे हमले किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में किसानों को खेती के लिए बिजली की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
केटी रामा राव के अनुसार, सरकार के अधिकारी सार्वजनिक रूप से यह दावा करते हैं कि किसानों को दिन में 12 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। हालांकि, जमीनी हकीकत इससे काफी अलग है और किसानों को मुश्किल से पांच से छह घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
बीआरएस नेता ने सरकार पर झूठ बोलने और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बिजली की इस कमी के कारण फसलों की सिंचाई करना किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है।
सिंचाई व्यवस्था पर चिंता जताते हुए रामा राव ने कहा कि सरकार की नीतियां किसानों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि क्षेत्र की समस्याओं को हल करने के बजाय सरकार केवल खोखले दावे करने में व्यस्त है।
इस राजनीतिक बयानबाजी ने तेलंगाना की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। बीआरएस की ओर से लगाए गए इन आरोपों ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं, जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव बढ़ गया है।
केटी रामा राव ने मांग की है कि सरकार को अपनी बिजली आपूर्ति की नीति में सुधार करना चाहिए और किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार बिजली देनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो बीआरएस इसे लेकर और अधिक विरोध प्रदर्शन करेगी।
फिलहाल, राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन बीआरएस का यह हमला मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।