दलीप ट्रॉफी फाइनल: ईशान किशन शतक से चूके, टूर्नामेंट के इतिहास में दोहरी शतकीय उपलब्धि पर एक नजर
दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल मुकाबले में ईशान किशन अपने शतक के करीब पहुंचकर चूक गए। वे 80 रन के निजी स्कोर पर आउट हुए। इस टूर्नामेंट के इतिहास में अब तक केवल 10 ऐसे बल्लेबाज रहे हैं जिन्होंने एक ही मैच की दोनों पारियों में शतक जड़ने का कारनामा किया है। ईशान इस उपलब्धि को हासिल करने से महज 20 रन दूर रह गए, जिससे प्रशंसकों में निराशा रही।

दलीप ट्रॉफी 2026 के खिताबी मुकाबले में ईशान किशन का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। हालांकि, वे शतक पूरा करने के बेहद करीब थे, लेकिन 80 रन के स्कोर पर उन्हें अपना विकेट गंवाना पड़ा। इस पारी के साथ ही वे उस विशिष्ट सूची में शामिल होने से चूक गए, जिसमें दलीप ट्रॉफी के एक ही मैच की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले बल्लेबाज शामिल हैं।
एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ईशान किशन का यह प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा, लेकिन शतक से 20 रन की दूरी उनके लिए निराशाजनक रही। दलीप ट्रॉफी के इतिहास में अब तक कुल 10 बल्लेबाजों ने ही एक ही मैच की दोनों पारियों में शतक जड़ने का गौरव हासिल किया है। यह उपलब्धि भारतीय घरेलू क्रिकेट में काफी कठिन मानी जाती है।
ईशान किशन के इस प्रयास ने दर्शकों का ध्यान खींचा, क्योंकि वे आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। फाइनल जैसे बड़े मंच पर उनका यह योगदान टीम के लिए महत्वपूर्ण था। हालांकि, शतक से चूकने के बावजूद उनके खेल की सराहना की जा रही है।
दलीप ट्रॉफी भारतीय क्रिकेट का एक प्रतिष्ठित टूर्नामेंट है, जहां युवा और अनुभवी खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। एक ही मैच में दो शतक लगाना किसी भी बल्लेबाज के लिए करियर का बड़ा पड़ाव होता है। ईशान किशन ने इस बार अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित तो किया, लेकिन वे इतिहास रचने से कुछ कदम दूर रह गए।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि ईशान की यह पारी उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली है। आने वाले समय में वे इस लय को बरकरार रखने का प्रयास करेंगे। फिलहाल, दलीप ट्रॉफी के फाइनल में उनके इस प्रदर्शन की चर्चा क्रिकेट गलियारों में बनी हुई है।
टूर्नामेंट के इतिहास में जिन 10 खिलाड़ियों ने दोनों पारियों में शतक लगाए हैं, वे भारतीय क्रिकेट के दिग्गज रहे हैं। ईशान किशन का नाम इस सूची में जुड़ने के करीब था, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया।
भविष्य के मैचों में ईशान किशन से इसी तरह की आक्रामक और जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी की उम्मीद की जा रही है। दलीप ट्रॉफी का यह फाइनल उनके लिए एक यादगार अनुभव के रूप में दर्ज हो गया है।
