दलीप ट्रॉफी फाइनल: 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की सूझबूझ से ईशान किशन ने लिया सही डीआरएस
दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल मुकाबले में 15 साल के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी ने अपनी शानदार क्रिकेटिंग समझ का प्रदर्शन किया। विकेट के पीछे मौजूद ईशान किशन जब डीआरएस लेने को लेकर उलझन में थे, तब वैभव ने उन्हें रिव्यू लेने की सलाह दी। इस फैसले के बाद रिकी भुई को पवेलियन लौटना पड़ा, जिससे ईस्ट जोन को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली।
VIMARSHNAARAD TVदलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल मैच के दौरान मैदान पर एक युवा खिलाड़ी की परिपक्वता देखने को मिली। ईस्ट जोन की ओर से खेल रहे 15 वर्षीय उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी ने अपनी खेल की समझ से सभी को प्रभावित किया। मैच के एक अहम मोड़ पर जब विपक्षी बल्लेबाज रिकी भुई क्रीज पर थे, तब गेंदबाजी टीम के लिए यह फैसला लेना मुश्किल हो रहा था कि डीआरएस लिया जाए या नहीं।
विकेटकीपर ईशान किशन इस स्थिति को लेकर काफी असमंजस में थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि गेंद बल्ले का किनारा लेकर गई है या नहीं। ऐसे में युवा वैभव ने जिम्मेदारी संभाली और ईशान को तुरंत रिव्यू लेने का सुझाव दिया। वैभव का आत्मविश्वास इतना अधिक था कि उन्होंने ईशान को इस फैसले के लिए प्रेरित किया।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, वैभव की सलाह पर ईशान किशन ने डीआरएस लेने का निर्णय लिया। तकनीक की मदद से जब रिप्ले देखा गया, तो यह स्पष्ट हो गया कि गेंद बल्ले से टकराई थी। इस सटीक फैसले के कारण रिकी भुई को आउट करार दिया गया।
यह घटना खेल के मैदान पर युवा प्रतिभाओं के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है। मात्र 15 साल की उम्र में वैभव का इस तरह से दबाव के क्षणों में सही निर्णय लेना उनकी खेल के प्रति गहरी समझ को उजागर करता है।
ईस्ट जोन के लिए यह विकेट काफी महत्वपूर्ण साबित हुआ। रिकी भुई का विकेट गिरने से टीम की स्थिति मजबूत हुई। वैभव की इस सूझबूझ की चर्चा अब क्रिकेट गलियारों में हो रही है।
मैच के दौरान ईशान किशन और वैभव के बीच का यह तालमेल टीम के लिए फायदेमंद रहा। अनुभवी खिलाड़ी के साथ युवा खिलाड़ी की यह जोड़ी विपक्षी टीम पर भारी पड़ी।
दलीप ट्रॉफी जैसे बड़े टूर्नामेंट में इस तरह के फैसले मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। वैभव ने साबित कर दिया है कि उम्र से ज्यादा खेल की समझ मायने रखती है।