दिल्ली एम्स के नाम पर वायरल हुआ वीडियो निकला फर्जी, रूसी टीवी शो का है फुटेज
सोशल मीडिया पर दिल्ली एम्स की मोर्चरी का बताकर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक शव को हिलते हुए दिखाया गया है। हालांकि, जांच में यह दावा पूरी तरह गलत साबित हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह वीडियो भारत का नहीं बल्कि एक रूसी टेलीविजन कार्यक्रम का हिस्सा है। इस भ्रामक वीडियो को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
VIMARSHNAARAD TVहाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो ने काफी सनसनी फैला दी थी। इस वीडियो में दावा किया गया था कि दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल की मोर्चरी में एक शव अचानक हिलने लगा। वीडियो के वायरल होने के बाद लोग इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे और कई लोगों ने इसे अलौकिक घटना मान लिया।
हालांकि, इस दावे की सच्चाई सामने आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और फैक्ट-चेक विश्लेषणों में इस वीडियो को पूरी तरह से फर्जी करार दिया गया है। यह वीडियो किसी भी तरह से दिल्ली के एम्स अस्पताल से संबंधित नहीं है।
जांच में यह पाया गया कि वायरल हो रही फुटेज असल में एक रूसी टेलीविजन शो का हिस्सा है। इस शो के दौरान विशेष प्रभावों या पटकथा के तहत इस दृश्य को फिल्माया गया था। इसे गलत संदर्भ में पेश करके सोशल मीडिया पर एम्स के नाम से फैलाया गया।
जेन वॉयस न्यूज की रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि की गई है कि यह फुटेज रूस के एक टीवी कार्यक्रम से ली गई है। इस तरह के भ्रामक वीडियो अक्सर इंटरनेट पर लोगों को गुमराह करने के उद्देश्य से साझा किए जाते हैं।
विशेषज्ञों ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संवेदनशील या चौंकाने वाले वीडियो को बिना पुष्टि किए साझा न करें। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर जानकारी सच नहीं होती, इसलिए ऐसी चीजों पर आंख मूंदकर भरोसा करने से बचना चाहिए।
इस मामले ने एक बार फिर इंटरनेट पर फैलने वाली गलत सूचनाओं और डीपफेक या एआई-जनित सामग्री के खतरों को उजागर किया है। एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के नाम का इस्तेमाल कर इस तरह का दुष्प्रचार करना गंभीर चिंता का विषय है।
फिलहाल, इस वीडियो को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक जानकारी का खंडन कर दिया गया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें और ऐसी फर्जी खबरों को आगे बढ़ाने से बचें।