दिल्ली पुलिस में डीसीपी बनीं आईपीएस ईशा सिंह, पिता के संघर्ष से मिली सिविल सेवा की प्रेरणा
दिल्ली पुलिस की लीगल सेल में डीसीपी के पद पर तैनात आईपीएस ईशा सिंह की सफलता की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। उनके पिता योगेश प्रताप सिंह के साथ हुई नाइंसाफी और उनके करियर में आए कठिन दौर ने ईशा को प्रशासनिक सेवा में जाने के लिए प्रेरित किया। दादाजी की विरासत को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अपनी मेहनत से यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की और आईपीएस अधिकारी बनीं।
VIMARSHNAARAD TVदिल्ली पुलिस की लीगल सेल में डीसीपी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहीं आईपीएस ईशा सिंह का सफर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। उनकी सफलता के पीछे उनके पिता योगेश प्रताप सिंह के जीवन का संघर्ष मुख्य प्रेरणा के रूप में रहा है। ईशा के पिता के साथ हुई कुछ अनुचित घटनाओं और उनके करियर में आए उतार-चढ़ाव ने ईशा के मन में प्रशासनिक सेवा में जाने की इच्छा जगाई।
ईशा के परिवार का पुलिस सेवा से पुराना नाता रहा है। उनके दादाजी भी आईपीएस अधिकारी थे, जिससे उन्हें बचपन से ही इस सेवा के प्रति सम्मान और लगाव मिला। जब उनके पिता को अपने पेशेवर जीवन में कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, तो ईशा ने हार मानने के बजाय कानून की पढ़ाई करने का निर्णय लिया।
वकालत की पढ़ाई पूरी करने के बाद ईशा ने यूपीएससी की कठिन परीक्षा में भाग लिया। उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और कड़ी मेहनत से इस परीक्षा को क्रैक किया और आईपीएस अधिकारी बनने का सपना पूरा किया। उनके पिता का संघर्ष उनके लिए एक बड़ा सबक रहा, जिसने उन्हें समाज में न्याय के लिए काम करने की प्रेरणा दी।
आज ईशा सिंह दिल्ली पुलिस में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उनकी यह कहानी उन युवाओं के लिए एक मिसाल है जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की कोशिश करते हैं। ईशा का मानना है कि परिवार का समर्थन और खुद पर विश्वास किसी भी बड़ी बाधा को पार करने में मदद करता है।
उनकी नियुक्ति दिल्ली पुलिस की लीगल सेल में होना उनके कानूनी ज्ञान और प्रशासनिक कौशल का प्रमाण है। ईशा सिंह की यह यात्रा न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह उन सभी के लिए प्रेरणा है जो अपने जीवन में न्याय और सेवा का मार्ग चुनना चाहते हैं।