दिल्ली में एमसीडी का सख्त रुख: दो दिनों के भीतर 80 अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर
दिल्ली नगर निगम ने राजधानी में नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पिछले दो दिनों में 80 अवैध निर्माणों को गिराया गया और 24 संपत्तियों को सील किया गया। इसके अलावा, पीजी आवासों के एक हालिया सर्वेक्षण में 2,453 इमारतों की पहचान की गई है, जिनमें हजारों लोग निवास कर रहे हैं। निगम का यह अभियान मास्टर प्लान के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है।
VIMARSHNAARAD TVदिल्ली नगर निगम (MCD) ने शहर में अवैध निर्माणों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। निगम के अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले दो दिनों के भीतर राजधानी के विभिन्न इलाकों में 80 अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया है। इसके साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने वाली 24 संपत्तियों को सील करने की कार्रवाई भी की गई है।
मंगलवार को चलाए गए विशेष प्रवर्तन अभियान के दौरान निगम की टीमों ने 40 अवैध निर्माणों को जमींदोज किया। इसी दिन 16 संपत्तियों को सील किया गया और चार अन्य मामलों में विध्वंस के आदेश जारी किए गए। यह कार्रवाई दिल्ली मास्टर प्लान के प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
निगम ने अवैध निर्माणों के अलावा पीजी (पेइंग गेस्ट) आवासों पर भी अपना ध्यान केंद्रित किया है। हाल ही में किए गए एक व्यापक सर्वेक्षण में 2,453 ऐसी इमारतों की पहचान की गई है जो पीजी के रूप में संचालित हो रही हैं। इन इमारतों में लगभग 55,000 लोग रह रहे हैं, जिनकी सुरक्षा और नियमों के अनुपालन की जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि शहर में अनधिकृत निर्माणों को रोकने के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। निगम का मुख्य जोर उन इमारतों पर है जो बिना अनुमति के बनाई गई हैं या जिनके उपयोग में मास्टर प्लान के नियमों का उल्लंघन किया गया है।
इस कार्रवाई से उन मकान मालिकों में हड़कंप मच गया है जिन्होंने बिना उचित मंजूरी के निर्माण कार्य किए हैं। निगम ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी नियमों के विपरीत बनी संरचनाओं के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली में बढ़ती आबादी और आवासीय जरूरतों के बीच, अवैध निर्माण एक बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। एमसीडी का यह कदम इसी समस्या के समाधान और शहर के व्यवस्थित विकास की दिशा में एक प्रयास माना जा रहा है।
निगम की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, आने वाले दिनों में भी प्रवर्तन दल सक्रिय रहेंगे। नागरिकों से अपील की गई है कि वे निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी आवश्यक कानूनी अनुमतियां प्राप्त करें ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।