दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 से पहले एसआईआर ड्राफ्ट लिस्ट से लाखों मतदाताओं के नाम गायब
दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चल रही एसआईआर प्रक्रिया के दौरान तैयार ड्राफ्ट सूची से लाखों लोगों के नाम नदारद हैं। मतदाता अपनी सूची में नाम न पाकर परेशान हैं और इसे लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं। बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, कई लोगों का कहना है कि उनके नाम को गलती से हटा दिया गया है, जिससे वे मतदान प्रक्रिया से बाहर होने का डर महसूस कर रहे हैं।

दिल्ली में साल 2025 में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत एसआईआर प्रक्रिया का संचालन किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के दौरान जारी की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची में लाखों लोगों के नाम गायब होने की जानकारी सामने आई है। इस स्थिति ने उन मतदाताओं के बीच असमंजस और चिंता पैदा कर दी है जो आगामी चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करने की तैयारी कर रहे थे।
बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक, कई नागरिकों ने शिकायत की है कि उनके नाम सूची से हटा दिए गए हैं। प्रभावित लोगों का मानना है कि यह एक बड़ी चूक है, जिसके कारण वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर आशंकित हैं। मतदाता सूची में नाम न होने से लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।
प्रशासनिक स्तर पर एसआईआर प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना होता है, ताकि चुनाव के दौरान कोई भी पात्र व्यक्ति मतदान से वंचित न रहे। हालांकि, ड्राफ्ट सूची में इतनी बड़ी संख्या में नाम गायब होने से इस प्रक्रिया की सटीकता पर सवाल उठ रहे हैं।
अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नामों के गायब होने के पीछे तकनीकी खामी है या कोई अन्य प्रशासनिक कारण। प्रभावित मतदाता अब इस उम्मीद में हैं कि अंतिम सूची जारी होने से पहले इन त्रुटियों को सुधार लिया जाएगा।
चुनाव आयोग की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत स्पष्टीकरण नहीं आया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर लोग अपनी जानकारी को फिर से सत्यापित करने की कोशिश कर रहे हैं। मतदाता सूची का सही होना स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए अत्यंत आवश्यक है।
आगामी विधानसभा चुनाव के लिए यह सूची बेहद महत्वपूर्ण है। यदि समय रहते इन नामों को सूची में शामिल नहीं किया गया, तो बड़ी संख्या में लोग अपने वोट देने के अधिकार से वंचित रह सकते हैं।
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि वे इस मामले की गंभीरता को समझें और जल्द से जल्द सूची में सुधार करें। लोग अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि संबंधित विभाग इस पर क्या कदम उठाता है।
