ताज़ा अपडेटदिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव से पहले एबीवीपी के प्रत्याशी यश डबास की मार्कशीट पर उठा विवाद
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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव से पहले एबीवीपी के प्रत्याशी यश डबास की मार्कशीट पर उठा विवाद

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव की गहमागहमी के बीच एबीवीपी के अध्यक्ष पद के दावेदार यश डबास की शैक्षणिक मार्कशीट को लेकर बहस छिड़ गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दस्तावेजों ने चुनावी माहौल में हलचल पैदा कर दी है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपने उम्मीदवार के खिलाफ एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार दिया है।

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव से पहले एबीवीपी के प्रत्याशी यश डबास की मार्कशीट पर उठा विवाद
लाइसेंस प्राप्त विषय चित्र: Pallav.journo · CC BY-SA 4.0 · Wikimedia Commons

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ यानी डूसू के आगामी चुनावों की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस चुनावी सरगर्मी के बीच एबीवीपी ने अपने अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के रूप में यश डबास के नाम की घोषणा की है। हालांकि, नामांकन और प्रचार के शुरुआती दौर में ही यह चुनाव विवादों के घेरे में आता दिख रहा है।

हाल ही में सोशल मीडिया पर यश डबास की एक मार्कशीट तेजी से साझा की जा रही है, जिस पर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। इस वायरल दस्तावेज को लेकर इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है, जिससे छात्र राजनीति का पारा चढ़ गया है। विपक्षी गुटों और सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जा रहा है।

इस पूरे मामले पर एबीवीपी ने अपना कड़ा रुख स्पष्ट किया है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि उनके उम्मीदवार की छवि को धूमिल करने के लिए यह एक सुनियोजित प्रयास है। एबीवीपी ने इसे महज एक राजनीतिक दुष्प्रचार बताया है जिसका उद्देश्य चुनाव से ठीक पहले माहौल खराब करना है।

आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, एबीवीपी ने इस वायरल हो रही मार्कशीट को पूरी तरह से साजिश करार दिया है। संगठन का दावा है कि उनके प्रत्याशी के खिलाफ आधारहीन बातें फैलाई जा रही हैं ताकि छात्र मतदाताओं को भ्रमित किया जा सके।

डूसू चुनाव में हमेशा से ही विभिन्न छात्र संगठनों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलता रहा है। इस बार भी प्रमुख छात्र संगठन अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। ऐसे में किसी भी उम्मीदवार से जुड़ा विवाद चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

फिलहाल, इस विवाद के बाद छात्र राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एबीवीपी के समर्थक अपने उम्मीदवार के बचाव में उतर आए हैं, जबकि विरोधी पक्ष इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण की मांग कर रहे हैं।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन और चुनाव समिति इस पूरे प्रकरण पर क्या रुख अपनाती है। क्या यह विवाद चुनाव परिणामों को प्रभावित करेगा, यह तो समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल यश डबास का नाम चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

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मूल संदर्भ

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