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दिल्ली हादसे के बाद मथुरा में भी जगी चिंता, बिना मानक वाले पीजी और हॉस्टलों पर प्रशासन की नजर

दिल्ली में हाल ही में हुए हादसे के बाद मथुरा में भी सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शहर में बड़ी संख्या में पीजी और हॉस्टल बिना किसी मानक के चल रहे हैं, जो छात्रों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं। प्रशासन अब इन अवैध और जर्जर इमारतों की जांच करने की तैयारी कर रहा है।

दिल्ली में हुई दुखद घटना ने पूरे देश में हॉस्टलों और पीजी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद मथुरा में भी प्रशासन सतर्क हो गया है और शहर में चल रहे अनधिकृत पीजी और हॉस्टलों की जांच शुरू करने की बात कही जा रही है।

मथुरा में कई ऐसे पीजी और हॉस्टल हैं जो बिना किसी सुरक्षा मानक के जर्जर इमारतों में संचालित हो रहे हैं। इन स्थानों पर रहने वाले छात्रों की सुरक्षा पूरी तरह से राम भरोसे है। नियमों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे ये संस्थान अब प्रशासन की रडार पर हैं।

संवाद न्यूज एजेंसी के अनुसार, स्थानीय स्तर पर इन इमारतों की स्थिति काफी चिंताजनक है। कई हॉस्टलों में आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं हैं और न ही वहां रहने वाले छात्रों के लिए आपातकालीन निकास की उचित व्यवस्था है।

अभिभावक भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। शहर में शिक्षा के लिए आने वाले छात्रों की संख्या अधिक है, जिसका फायदा उठाकर कई लोग बिना पंजीकरण के पीजी चला रहे हैं। इन स्थानों पर न तो उचित वेंटिलेशन है और न ही स्वच्छता के मानक पूरे किए जाते हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही एक अभियान चलाकर इन सभी अवैध संस्थानों की पहचान की जाएगी। जो भी संस्थान सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह मुद्दा केवल एक शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्य में हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। छात्रों का जीवन दांव पर लगाकर मुनाफा कमाने वाले संचालकों पर नकेल कसना अब अनिवार्य हो गया है।

स्थानीय निवासियों ने भी मांग की है कि प्रशासन को नियमित रूप से इन हॉस्टलों का निरीक्षण करना चाहिए। बिना मानक वाली इमारतों को सील करने की प्रक्रिया में देरी नहीं होनी चाहिए ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।

आने वाले दिनों में मथुरा प्रशासन इन संस्थानों के खिलाफ क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

स्रोत

मूल संदर्भ

01संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरामूल रिपोर्ट देखें ↗