धीमी ओवर गति के कारण भारत और वेस्टइंडीज पर आईसीसी का जुर्माना, तीसरे वनडे के बाद कार्रवाई
न्यू चंडीगढ़ में खेले गए तीसरे वनडे मैच के दौरान धीमी ओवर गति बनाए रखने के लिए आईसीसी ने भारत और वेस्टइंडीज दोनों टीमों पर जुर्माना लगाया है। भारत पर मैच फीस का 20 प्रतिशत और वेस्टइंडीज पर 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। खेल के नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आईसीसी ने यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
VIMARSHNAARAD TVन्यू चंडीगढ़ में आयोजित तीसरे वनडे मैच के बाद आईसीसी ने भारत और वेस्टइंडीज की टीमों के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाया है। दोनों ही टीमों को मैच के दौरान धीमी ओवर गति बनाए रखने का दोषी पाया गया। इस नियम के उल्लंघन के कारण क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था ने दोनों देशों पर आर्थिक दंड लगाया है।
मैच के दौरान निर्धारित समय में ओवर पूरे न कर पाने के कारण आईसीसी ने भारत पर उनकी मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माना तय किया है। वहीं, वेस्टइंडीज की टीम पर 10 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई खेल के दौरान ओवर गति के मानकों को बनाए रखने के लिए की गई है।
अमर उजाला की स्पोर्ट्स डेस्क की रिपोर्ट के अनुसार, यह निर्णय मैच के दौरान हुई देरी को देखते हुए लिया गया है। आईसीसी के नियमों के अनुसार, प्रत्येक टीम को तय समय के भीतर अपने निर्धारित ओवर पूरे करने होते हैं। इन नियमों का पालन न करने पर खिलाड़ियों और टीमों को दंडित किया जाता है।
खेल के मैदान पर अनुशासन बनाए रखना आईसीसी की प्राथमिकता है। धीमी ओवर गति न केवल खेल की गति को प्रभावित करती है, बल्कि यह दर्शकों के अनुभव को भी बाधित करती है। इसी कारण से आईसीसी ने इस मामले में सख्ती दिखाई है।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए इस मुकाबले में दोनों टीमों ने निर्धारित समय से अधिक का समय लिया, जिसके परिणामस्वरूप यह जुर्माना लगाया गया है। यह पहली बार नहीं है जब किसी टीम को धीमी ओवर गति के लिए सजा दी गई हो, लेकिन इस बार दोनों टीमों को एक साथ दंडित किया गया है।
खिलाड़ियों को भविष्य में इन नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है। आईसीसी का यह कदम खेल की अखंडता और समयबद्धता को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। दोनों टीमों के प्रबंधन को इस जुर्माने के बारे में सूचित कर दिया गया है।
इस घटना के बाद क्रिकेट जगत में ओवर गति के नियमों को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है। टीमों को अब आने वाले मैचों में इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि वे समय सीमा के भीतर अपने ओवर पूरे करें, ताकि उन्हें दोबारा ऐसी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।