नई दिल्ली में उल्लास मेले के साथ अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस 2026 का भव्य समापन
शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस समारोह का समापन नई दिल्ली में 'उल्लास मेला' के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपनी शिक्षण पद्धतियों और उपलब्धियों का प्रदर्शन किया। स्कूली शिक्षा विभाग के सचिव ने युवाओं से साक्षरता अभियान को डिजिटल माध्यमों से जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया, जबकि एनसीईआरटी ने वित्तीय और डिजिटल साक्षरता पर विशेष जोर दिया।

नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस समारोह का समापन 'उल्लास मेला' के आयोजन के साथ हुआ। इस कार्यक्रम का उद्घाटन स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव टी. के. अनिल कुमार ने किया। उन्होंने इस मेले को शिक्षार्थियों, स्वयंसेवकों और राज्यों के सामूहिक प्रयासों का प्रतीक बताया।
सचिव ने कहा कि उल्लास मेला एक ऐसा मंच है जहाँ प्रतिभागी एक-दूसरे के अनुभवों से सीख सकते हैं। उन्होंने पूर्ण साक्षरता प्राप्त कर चुके राज्यों से आग्रह किया कि वे आगामी चरणों में नेतृत्व करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए।
युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने साक्षरता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि युवा सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इस अभियान को व्यापक स्तर पर फैलाकर अपना नागरिक कर्तव्य निभा सकते हैं।
एनसीईआरटी के निदेशक प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी ने उल्लास को सीखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में वित्तीय, कानूनी, डिजिटल और चुनावी साक्षरता अत्यंत आवश्यक है ताकि नागरिक अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझ सकें।
प्रो. सकलानी ने एक नई प्रोत्साहन संरचना का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों को दूसरों को साक्षर बनाने के कार्य में मदद करने के लिए क्रेडिट पॉइंट दिए जा सकते हैं, जिससे साक्षरता अभियान को और गति मिलेगी।
मेले में 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ एनसीईआरटी, एनसीटीई और एनआईओएस ने अपने स्टॉल लगाए। इन प्रदर्शनियों में विभिन्न शिक्षण सामग्री, बेहतरीन कार्यप्रणालियों और नई तकनीकों को प्रदर्शित किया गया।
विशेष रूप से उन राज्यों की उपलब्धियों को रेखांकित किया गया जिन्होंने पूर्ण साक्षरता का लक्ष्य हासिल कर लिया है। यह आयोजन सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पैनल चर्चाओं के साथ संपन्न हुआ, जिसने साक्षरता के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दोहराया।
